सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव कहा है कि भाजपा ने अन्नदाताओं को धोखा देने का रिकार्ड बना लिया है। अखिलेश यादव ने आज यहां जारी बयान में कहा कि भाजपा ने शाहजहापुर में‘किसान कल्याण रैली’करके किसानों का उपहास किया है। उन्होने कहा कि भाजपा अन्नदाताओं को धोखा देने का रिकार्ड बना लिया है।

उन्होने कहा कि भाजपा शासन में किसान की सबसे ज्यादा दुर्दशा है। समाजवादी सरकार में किसानों की कर्जमाफी के साथ उसकी बंधक जमींन की नीलामी पर भी रोक लगा दी गई थी। मुफ्त सिंचाई की व्यवस्था थी और नियमित विद्युत आपूर्ति हो रही थी। भाजपा राज में किसान की जमींन कर्ज में फंसी है। उसे उचित मुआवजा नहीं मिल रहा है। गेंहू क्रय केंद्रो में उससे बदसलूकी होती है। गन्ना किसानों का अभी तक बकाया अदा नहीं हुआ है।

सपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री लाख छिपाये, सच तो यह है कि किसान को खेती में अपनी फसल का लागत मूल्य भी नहीं मिल रहा है। खाद, टैक्टर, कीटनाशक दवाइयों पर जीएसटी को मार पड़ रही है। कर्जमाफी में भी घोटाला हुआ है। कर्ज से परेशान लगभग 40 हजार किसान भाजपा राज में आत्महत्या कर चुके हैं।

उन्होने कहा कि भाजपा ने किसान और गांव-खेती को अपनी प्राथमिकता में कभी नहीं रखा है। किसान उसके लिए सिर्फ वोट बैंक है। गांवों के विकास में उसकी रूचि नहीं। किसान और गांव की जगह भाजपा की विशेष रूचि कारपोरेट घरानों में है। इसीलिए भाजपा सरकार के केन्द, के पांच बजट और राज्य के दो बजट में खेती के लिए विशेष सुविधाएं नहीं दी गई।

अखिलेश यादव ने कहा कि किसानों की आय दुगनी करने का वादा कब और कैसे पूरा होगा यह आजतक प्रधानमंत्री ने नहीं बताया हैं। किसानों को उम्मीद थी कि उनकी समस्याओं का समाधान होगा पर यह सहनशक्ति की पराकाष्ठा है। आश्वासन दर आश्वासन, भाषण दर भाषण। अब इंतजार खत्म, बस 2019 का किसानों को इंतजार है।