जम्मू-कश्मीर में भाजपा ने महबूबा मुफ्ती सरकार से अपना गठबंधन तोड़ते हुए राज्य में राज्यपाल शासन लगाने की मांग की है।  भाजपा की ओर राज्य में गठबंधन तोड़ने की घोषणा करने के बाद मंत्रियों ने इस्तीफे दे दिये हैं।

भाजपा के महासचिव और पार्टी के जम्मू-कश्मीर के प्रभारी राम माधव ने गठबंधन तोड़ने की घोषणा करते हुए कहा कि राज्य में पीडीपी के साथ आगे गठबंधन जारी रखना संभव नहीं है और इसलिए इसे तोड़ने का फैसला किया गया है।

राममाधव ने कहा कि राज्य में शांति बहाल करने तथा जम्मू-कश्मीर का तेजी से विकास करने के उद्देश्य से हमने पीडीपी के साथ गठबंधन किया था। मोदी सरकार ने राज्य में विकास के लिए काफी काम किया है। राज्य के विकास के लिए जो भी संभव था सब कुछ किया गया।

उन्होंने कहा कि राज्य में आतंकवाद, हिंसा तथा अतिवाद बढ़ है और घाटी में लोगों के मूलभूत अधिकार खतरे में पड़ गये थे। केंद, सरकार की ओर से समर्थन के बावजूद पीडीपी ने राज्य के हालात को नियंत्रित करने के विफल हो गयी।

भाजपा महासचिव ने कहा कि हमने राज्य में हालात सामान्य करने के लिए वहां के सभी साझेदारों से बातचीत करने के लिए वार्ताकार नियुक्त किये थे। राज्य सरकार की ओर से जो भी मांग की गयी है, वह केंद्र सरकार ने किया है।

उन्होंने कहा कि देश हित को ध्यान में रखते हुए तथा राज्य के बिगड़ते हालात के मद्देनजर जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शासन लगाने की जरूरत है।

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