बीएसपी प्रमुख मायावती एसपी संरक्षक मुलायम सिंह यादव के लिए चुनाव प्रचार करती नजर आएंगी। उत्तर प्रदेश में सपा, बसपा और राष्ट्रीय लोक दल के बीच गठबंधन हुआ है, जिसके बाद अखिलेश यादव, मायावती और अजित सिंह मिलकर सूबे में 11 रैलियां करेंगे। उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिए यह एक बड़ा बदलाव होगा।

मायावती के बड़े दुश्मनों की लिस्ट में शामिल मुलायम मैनपुरी सीट से एसपी के उम्मीदवार हैं। रेलियों की शुरुआत पश्चिमी यूपी की सहारनपुर लोकसभा सीट से होगी और समापन 16 मई को वाराणसी में होगा। सबसे दिलचस्प 19 अप्रैल की रैली होगी जिसमें मायावती मैनपुरी में यहां से सपा प्रत्याशी मुलायम सिंह यादव के लिए वोट मांगेंगी।

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आजमगढ़ में संयुक्त रैली के कार्यक्रम से संकेत मिल रहे हैं कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव यहां से चुनाव लड़ सकते हैं। कुल 11 रैलियां के जरिए 26 लोकसभा क्षेत्रों में गठबंधन प्रत्याशियों का खास तौर पर प्रचार होगा। पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ दोनों दल एकजुट हुए हैं। प्रदेश की राजनीति ने करवट बदली है और जब मायावती एसपी के लिए 19 अप्रैल को चुनाव प्रचार करेंगी तो यह राज्य की राजनीति के लिए बड़ा दिन होगा।

संयुक्त रैलियां कर भाजपा के मुमकिन को नामुमकिन बनाने की जुगत करेंगे सपा-बसपा-रालोद

सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने बताया कि समाजवादी पार्टी-बहुजन समाज पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल गठबंधन ने अपने प्रत्याशियों की जीत और भाजपा की केन्द्र से बेदखली सुनिश्चित करने के लिए मतदाताओं के बीच संयुक्त रूप से रैलियां करने का निर्णय लिया है। गठबंधन की इन संयुक्त रैलियों से यह संदेश भी जाएगा कि इसमें शामिल दलों के कार्यकर्ता एकजुट हैं और बीजेपी के मुमकिन को वे अपने प्रयासों से नामुमकिन में बदलने को तैयार हैं।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव राजेन्द्र चैधरी ने बताया है कि नवरात्र के शुभ दिनों में यह अभियान शुरू होगा। प्रचार सामग्री तथा झंडे में इन दलों के नेताओं के चित्र तथा चुनाव चिह्न संयुक्त रूप से प्रदर्शित किए जाएंगे। समाजवादी पार्टी-बहुजन समाज पार्टी तथा राष्ट्रीय लोक दल के कार्यकर्ता, पदाधिकारी चुनाव प्रचार में जुट गए हैं।