आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी तुलना ‘भ्रष्ट राजनीतिज्ञ’ से की और तेदेपा के अविश्वास प्रस्ताव पर जवाब देने के दौरान ‘ओछी’ बातें की, जिससे वह दुखी हैं। नायडू ने यहां कहा, ‘इस देश के प्रधानमंत्री के रूप में आपको उस तरह से बातें नहीं करनी चाहिए थी। एक प्रधानमंत्री के रूप में आपको ओछी बातें नहीं करनी चाहिए।’

वह भाजपा नीत राजग सरकार द्वारा लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव जीतने के एक दिन बाद यहां पत्रकारों से बात कर रहे थे। यह प्रस्ताव नायडू की तेलगू देशम पार्टी(तेदेपा) द्वारा लाया गया था। तेदेपा कुछ महीने पहले तक राजग का हिस्सा थी, लेकिन आंध्रप्रदेश को विशेष दर्जा देने की मांग पर पार्टी ने भाजपा का दामन छोड़ दिया। 2014 में आंध्रप्रदेश का विभाजन कर तेलंगाना बनाया गया था।

ऐसा माना जा रहा है कि विभाजन से आंध्र को बड़ा नुकसान हुआ, क्योंकि इसकी राजधानी और आईटी सिटी हैदराबाद तेलंगाना के हिस्से में चली गई।

नायडू ने कहा कि भाजपा ने एक बार फिर राज्य और इसके पांच करोड़ लोगों को धोखा दिया है और मोदी अपने वादे को निभाने में असफल साबित हुए हैं।

उन्होंने कहा, ’15 वर्षो बाद, पहली बार विपक्षी पार्टियों द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। हम जानते हैं कि उनके पास बहुमत है। लेकिन प्रस्ताव बहुमत बनाम नैतिकता के मुद्दे पर था।’

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह मोदी द्वारा आंध्रप्रदेश के लिए विशेष दर्जे की वास्तविक मांग को तेदेपा और वाईएसआर कांग्रेस के बीच आंतरिक लड़ाई करार देने पर ‘बहुत दुखी’ हैं। उन्होंने कहा, ‘वह कैसे मेरी तुलना भ्रष्ट राजनेताओं से कर सकते हैं। वाईएसआर कांग्रेस एक भ्रष्ट पार्टी है।’

नायडू ने कहा कि आंध्रप्रदेश के लोग भाजपा से बहुत गुस्सा हैं, क्योंकि उनकी भावनाओं को हल्के में लिया गया। उन्होंने कहा, ‘आंध्र के लोग पूरी तरह व्यथित हैं। लोग उनके साथ हुए अन्याय के लिए गुस्से में हैं।’

नायडू ने कहा, ‘पंजाब में क्या हुआ? असम में क्या हुआ? जम्मू एवं कश्मीर में क्या हुआ? यह केवल एक भाव है। हमने ठीक से इसका सामना नहीं किया।’

उन्होंने कहा, ‘आप हमारे लोगों के साथ अन्याय नहीं कर सकते। लेकिन मैंने अपने लोगों को विश्वास दिलाया है। मैंने उनसे कहा है कि अगर आप तबाही के रास्ते पर, प्रदर्शन के रास्ते पर जाते हो तो हम कहीं भी नहीं ठहरेंगे।’

नायडू ने कहा, ‘हम मेहनत करेंगे। हम धन का सृजन करेंगे, लेकिन हम अपनी वास्तविक मांगों के लिए लड़ेंगे। सभी समस्या के लिए, एक राजनीतिक स्थिति होती है।’