कांग्रेस ने दावा किया कि नोटबंदी के समय अहमदाबाद के उस सहकारी बैंक में पांच दिनों के भीतर करीब 746 करोड़ रुपये जमा कराए गए जिसमें भाजपा अध्यक्ष अमित शाह निदेशक हैं। पार्टी ने इस मामले में निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग भी की।

कांग्रेस के दावे के बाद सहकारी बैंकों के विनियामक राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने एक बयान जारी कर कहा, “अहमदाबाद डीसीसीबी के कुल 17 लाख खातों में से महज 1.60 लाख खातों में पुराने नोट जमा किये गये या बदले गये जो सभी जमा खातों का महज 9.37 प्रतिशत है।”

पार्टी ने यह भी दावा किया कि नोटबंदी के दौरान कुछ दिनों के भीतर गुजरात के कई सहकारी बैंकों में हजारों करोड़ रुपये जमा कराए गए थे।
कांग्रेस अध्यक्ष ने इस मामले को लेकर अमित शाह पर कटाक्ष करते हुए ट्वीट किया, ”अमित शाहजी बधाई! सबसे ज्यादा नोट बदलने के मामले में आपकी बैंक को पहला स्थान मिला। नोटबंदी से लाखों लोगों की जिंदगी बर्बाद हो गई, उपलब्धि के लिए बधाई।”

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ‘आरटीआई आवेदनों से मिले जवाब के कागजात’ पेश करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को जवाब देना चाहिए कि नोटबंदी के समय भाजपा और आरएसएस ने कितनी संपत्तियां खरीदीं और उनकी कुल क्या कीमत है?

 सुरजेवाला ने आरोप लगाया, “7 मई, 2018 को दिए गए एक आरटीआई जवाब में चौंकानेवाला खुलासा हुआ कि अहमदाबाद जिला सहकारी बैंक (एडीसीबी) में 10 नवंबर, 2016 से 14 नवंबर, 2016 के बीच 5 दिनों में 745.58 करोड़ रुपये के पुराने नोट जमा कराए गए। इस बैंक के निदेशक अमित शाह और उनके निकटतम सहयोगी हैं। अमित शाह इससे पूर्व इसी बैंक के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।”

उन्होंने कहा कि इसकी निष्पक्ष और समयबद्ध जांच होनी चाहिए। सुरजेवाला ने दावा किया कि गुजरात में भाजपा नेताओं द्वारा संचालित 11 बैंकों में पांच दिन के भीतर 3118 करोड़ रुपये से अधिक जमा कराए गए। सुरजेवाला ने कहा, ”क्या प्रधानमंत्री इन मामलों की निष्पक्ष जांच कराएंगे?” उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री इस पर जवाब देंगे।

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