कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद की ओर से राहुल गांधी से महिला आरक्षण, तीन तलाक और निकाह हलाला संबंधी विधेयकों को संसद से पारित करने में सहयोग की अपील किए जाने पर कांग्रेस ने उन पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि देश के कानून मंत्री ‘डीलर’ बन गए हैं।

दरअसल, रविशंकर प्रसाद ने महिला सशक्कतीकरण के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरने का प्रयास करते हुए महिला आरक्षण, एक बार में तीन तलाक और निकाह हलाला संबंधी विधेयकों को संसद से पारित करने में सहयोग करने की मुख्य विपक्षी दल से अपील की।

कांग्रेस प्रवक्ता सुष्मिता देव ने कहा, “कानून मंत्री ने बिना हस्ताक्षर वाला पत्र जारी किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को महिला सशक्कतीकरण में कोई दिलचस्पी नहीं है। यह पत्र इस बात को साबित करता है।” उन्होंने कहा, “यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारत के कानून मंत्री ‘डीलर’ बन गए हैं। हैरानी हुई कि उन्होंने दो विधेयकों को लेकर सौदे की कोशिश की है।”

सुष्मिता ने कहा, “2014 लोकसभा चुनाव के भाजपा के घोषणापत्र में तीन तलाक और निकाह हलाला का कोई उल्लेख नहीं था, लेकिन महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण का वादा किया गया था। अब महिला आरक्षण विधेयक को पारित कराने के लिए शर्तें लगाई जा रही हैं।”

उन्होंने दावा किया, “रविशंकर प्रसाद ने साबित कर दिया कि प्रधानमंत्री ने देश की महिलाओं से झूठ बोला था। प्रसाद ने यह भी साबित किया कि महिला सशक्कतीकरण पर उनका ज्ञान शून्य है।” कानून मंत्री ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर कहा कि इन विधेयकों को पारित कराने के अलावा पिछडा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा प्रदान करने के लिए उनकी पार्टी को भाजपा के साथ हाथ मिलाना चाहिए। गौरतलब है कि 16 जुलाई को राहुल गांधी ने महिला आरक्षण विधेयक को पारित कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था।