इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज किए जाने को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका पर अपना फैसला बृहस्पतिवार को सुरक्षित रख लिया।

मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति वाई.के. श्रीवास्तव की पीठ ने इलाहाबाद हेरिटेज सोसाइटी एवं अन्य 12 लोगों द्वारा दायर जनहित याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया।

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राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना को चुनौती देते हुए अदालत के समक्ष दलील दी गई कि नियमों के मुताबिक, आम जनता से आपत्ति आमंत्रित करते हुए एक सार्वजनिक नोटिस जारी करना और इन आपत्तियों पर निर्णय करने के लिए एक समिति गठित करना आवश्यक है और ऐसा नहीं किया गया है।

राज्य सरकार की ओर से पेश हुए अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने कहा कि चूंकि जिले के क्षेत्र में कोई बदलाव नहीं किया गया इसलिए समिति गठित करने और आपत्तियां आमंत्रित करने को कोई आवश्यकता नहीं थी।

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने 18 अक्टूबर, 2018 को एक आदेश जारी कर इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज कर दिया जिसे इस अदालत के समक्ष चुनौती दी गई है।