दिल्ली हाई कोर्ट ने स्वयंभू बाबा दाती महाराज के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों की अपनी जांच की एक स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का का आज पुलिस को निर्देश दिया। दरअसल, पीड़िता ने अदालत से अनुरोध किया है कि उसके मामले को सीबीआई को हस्तांतरित किया जाए।

न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता ने पीड़िता की याचिका पर दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को नोटिस जारी किया। याचिका में महिला ने अदालत से जांच एजेंसी को आरोपी को गिरफ्तार करने का निर्देश देने का अनुरोध किया है। बहरहाल, अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 30 अगस्त के लिए सूचीबद्ध कर दी।

याचिका में अदालत से जांच एजेंसी को निष्पक्ष जांच करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। इसमें कहा गया है कि जांच एजेंसी को स्वयंभू बाबा के आश्रम को जब्त कर लेना चाहिए और इसकी गतिविधियों का प्रबंध करने के लिए किसी को नियुक्त करना चाहिए। अदालत ने इससे पहले एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) की इसी तरह की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा था कि इसका (याचिका का) आपराधिक मामले से कोई संबंध नहीं है।

गौरतलब है कि दाती मदन लाल उर्फ दाती महाराज के खिलाफ सात जून को एक शिकायत दर्ज कराई गई थी और 11 जून को एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने 22 जून को आरोपी से पूछताछ की थी, जिस पर दिल्ली और राजस्थान के अपने आश्रमों में अपनी अनुयायी से बलात्कार करने का आरोप है।

एनजीओ ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि दिल्ली पुलिस द्वारा की गई जांच पक्षपातपूर्ण नजर आ रही है क्योंकि अब तक गिरफ्तारी नहीं की गई है। इससे गवाहों को प्रभावित करने और सबूत नष्ट करने की गुंजाइश बन सकती है। वहीं , आरोपी ने दावा किया है कि उसे इस मामले में फंसाया गया है।