नई दिल्ली: बसपा प्रमुख मायावती ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के ‌खिलाफ मुंह खोलने वाले और नकारात्मक टिप्पणी करने वाले अपने करीबी और पार्टी के उपाध्यक्ष जयप्रकाश सिंह को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने सिंह को दो दिन पहले यह बयान देने के तुरंत बाद अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी के सभी पदों से हटा दिया था। पार्टी प्रमुख की अध्यक्षता में शनिवार को यहां हुई बसपा नेताओं की राष्ट्रीय बैठक में यह फैसला किया गया।

बैठक के बाद पार्टी की ओर जारी बयान के अनुसार जयप्रकाश सिंह की ‘अनर्गल’ बयानबाजी को बसपा के सिद्धांतों के खिलाफ बताते हुये उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत यह फैसला किया गया। साथ ही पार्टी प्रमुख ने सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को किसी भी दल के नेता अथवा व्यक्ति के खिलाफ और पार्टी की रणनीति के बारे में इस तरह की अनधिकृत बयानबाजी करने बचने की सख्त हिदायद दी।

बताया जा रहा है कि जयप्रकाश सिंह हाल ही में कई बयान दिये थे, जिसकी वजह से उनकी छुट्टी हुई है। बसपा की ओर से जारी प्रेस रिलीज में जयप्रकाश सिंह के निष्कासन के पीछे सिर्फ यह बताया जा रहा है कि उन्होंने पीएम मोदी को गब्बर सिंह कहा था। बता दें कि हाल ही में उन्होंने यह भी बयान दिया था कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री नहीं बन सकते, क्योंकि उनकी मां सोनिया गांधी भारतीय मूल की नहीं हैं।

सूत्रों के अनुसार बैठक में इस साल के अंत में तीन राज्यों राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव के लिये पार्टी की तैयारियों का भी जायजा लिया गया। बैठक में बसपा के तीनों राज्यों के पार्टी संयोजक और प्रदेश इकाइयों के नेता भी मौजूद थे। इस दौरान मायावती ने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर संगठनात्मक ढांचे को मजबूत बनाने और चुनावी रणनीति पर विचार विमर्श किया. सूत्रों के अनुसार मायावती ने कहा कि तीनों राज्यों में बसपा चुनाव लड़ेगी. सूत्रों के अनुसार बैठक में तय किया गया गया कि चुनाव में गठबंधन को लेकर अंतिम फैसला अन्य दलों के साथ बातचीत के बाद बसपा प्रमुख करेंगी।

उन्होंने प्रदेश इकाइयों को ब्लॉक स्तर पर पार्टी का संगठनात्मक ढांचा मजबूत बनाने का निर्देश दिया. साथ ही पार्टी के प्रदेश नेताओं को भविष्य में संभावित गठबंधन और चुनावी रणनीति से जुड़े किसी भी मुद्दे पर मीडिया में बयानबाजी करने से बचने की स्पष्ट हिदायद भी दी गयी है। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश में बसपा और कांग्रेस मिलकर चुनाव लड़ने की संभावनायें टटोल रहे हैं। इसके मद्देनजर मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ के साथ बसपा नेतृत्व की रणनीतिक चर्चाओं का शुरुआती चरण पूरा हो चुका है।

इस बीच छत्तीसगढ़ में कांग्रेस से अलग होकर अपनी पार्टी गठित कर चुके राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के साथ भी हाल ही में मायावती की मुलाकात हो चुकी है। समझा जाता है कि बसपा प्रमुख ने कांग्रेस नेतृत्व के समक्ष गठबंधन होने की स्थिति में तीनों राज्यों में मिलकर चुनाव लड़ने की शर्त रखी है।