खराब मौसम की वजह से गुरुवार को जम्मू से किसी भी तीर्थयात्री को घाटी की ओर जाने की इजाजत नहीं दी गई। पुलिस के मुताबिक, मंगलवार को बालटाल ट्रैक पर हुए भूस्खलन के बाद बुधवार से ही किसी भी तीर्थयात्री को भगवती नगर यात्री निवास से रवाना होने नहीं दिया गया।

अधिकारी ने कहा कि बालटाल और पहलगाम इन दोनों आधार शिविरों से अमरनाथ गुफा की ओर सीमित हेलीकॉप्टर सेवाएं ही हैं।

बता दे कि मंगलवार रात्रि कुदरत का कहर एक बार फिर बाबा बर्फानी के भक्‍तों पर जमकर बरपा। दरअसल, रेलपत्री से पवित्र गुफा पर निकले श्रद्धालुओं बरारीमार्ग की तरफ बढ़ ही रहे थे, तभी पहाड़ों में भूस्‍खलन शुरू हो गया।

इस दौरान बेहद संकरे से रास्‍ते से गुजर रहे श्रद्धालुओं के काफिले पर पहाड़ से पत्‍थरों की बरसात होने लगी। इस घटना में दर्जनों श्रद्धालुओं गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद सीआरपीएफ और आईटीबीपी की टीम ने बड़ी जद्दोजहद के बाद कुदरत की पत्‍थरबाजी का शिकार हुए श्रद्धालुओं को मौके से निकाला गया। आईटीबीपी और सीआरपीएफ के जवानों ने घायलों को सुरक्षाबलों के कैंप तक पहुंचाया।

आपको बता दे की इससे पहले जम्मू कश्मीर में अमरनाथ यात्रा के आधार शिविर बालटाल की एक कार पार्किंग में बाढ़ आने के बाद यहां श्रद्धालुओं के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। इस बारे में जानकारी देते हुए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने ट्विटर पर बताया कि आधार शिविर की पार्किंग में बाढ़ के बाद यहां एसडीआरएफ और पुलिस की टीमों को लगाया गया है।

पुलिस प्रवक्ता के अनुसार सोमवार को मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले के बालटाल स्थित यात्रा शिविर के कार पार्किंग स्थल पर मामूली बाढ़ आ गई। इसकी जानकारी मिलने के बाद पुलिस और अन्य सुरक्षाबलों की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू कराया। उन्होंने बताया कि मौके पर राहत एवं बाढ़ नियंत्रण टीमों को भेजकर स्थिति पर काबू पाया गया है। साथ ही एसडीआरएफ की टीम भी तैनात की गई है।

गौरतलब है कि 28 जून को शुरू हुई यात्रा के बाद अब तक 60,752 तीर्थयात्री अमरनाथ की यात्रा कर चुके हैं।