वंशवादी राजनीति आम आदमी के लिए अवसर के दरवाजे कर रही है बंद – वरुण गाँधी


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एक तरफ कांग्रेस पार्टी अपने अध्यक्ष राहुल गांधी का जन्मदिन मना रही है तो वहीं, गांधी परिवार के ही एक प्रमुख सदस्य ने राजनीति में वंशवाद का विरोध किया है।

भाजपा सांसद वरुण गांधी ने दुख जताते हुए कहा कि वंशवाद के कारण राजनीति सहित महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आम आदमी के लिए अवसर के दरवाजे बंद हो रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘हम राजनीति में ज्यादा लोगों के लिए कैसे दरवाजे खोल सकते हैं? हर कोई जानता है कि राजनीति में वंशवाद चल रहा है। हर राज्य, जिले और देश में कुछ परिवार हैं जो महत्वपूर्ण हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है लेकिन सत्य है।’ उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि कोई भी महत्वपूर्ण क्षेत्र वंशवाद से वंचित नहीं है।

गांधी ने कहा कि अगर हम फिल्म इंडस्ट्री, खेल जगत, राजनीति और उद्योग की तरफ देखें तो लगभग सभी के दरवाजे आम आदमी के लिए बंद हो गए हैं। वरुण फेडरेशन ऑफ कर्नाटक चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की तरफ से आयोजित ‘भारत के भविष्य का रास्ता : अवसर और चुनौतियां’ विषय पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने दुख जताया कि कोई भी महत्वपूर्ण क्षेत्र इस घटना से वंचित नहीं है।

वरुण ने कहा, ‘आप एक प्रतिभाशाली युवक हैं जो छोटे से शहर में रहता है। आपके पास काफी ज्ञान, साहस और क्षमता है पर आप क्या करोगे? कई बार यह बेकार चला जाता है।’ उन्होंने कहा कि इससे मुझे तकलीफ होती है।

इस दौरान उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अगर वह राजनीतिक परिवार से नहीं होते तो राजनीति में शायद नहीं होते। वरुण गांधी नेहरू परिवार से ताल्लुक रखते हैं। वे इंदिरा गांधी के छोटे पुत्र संजय गांधी के बेटे हैं। संजय गांधी पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी के छोटे भाई थे। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के बेटे हैं।

जानिए कौन है वरूण गांधी !

वरूण गांधी केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी और दिंवगत नेता संजय गांधी के बेटे है और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पोते हैं। वरूण गांधी खुद ऐसे परिवार से आते है जो आज़ादी के बाद से सत्ता में रहा है।

वरुण का राजनीति में पर्दापण साल 2009 में हुआ था। अभी फिलहाल वरूण सुलतानपुर से सांसद है लेकिन इससे पहले साल 2009 में पीलिभीत से सांसद थे।

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