कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने रविवार को चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष आयोग का समर्पण जाहिर है। लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण के मतदान वाले दिन गांधी ने चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री मोदी की उत्तराखंड के केदारनाथ की यात्रा समेत अन्य उदाहरण गिनाये और चुनाव आयोग पर पक्षपात करने का आरोप लगाया। गांधी ने ट्वीट किया, ‘‘चुनावी बांड और ईवीएम से लेकर चुनाव के कार्यक्रम में छेड़छाड़ तक, नमो टीवी, ‘मोदीज आर्मी’ और अब केदारनाथ के नाटक तक चुनाव आयोग का मिस्टर मोदी और उनके गैंग के समक्ष समर्पण सारे भारतीयों के सामने जाहिर है।’’
उन्होंने लिखा, ‘‘चुनाव आयोग का डर रहता था और उसका सम्मान होता था। अब नहीं रहा।’’ खबरों के मुताबिक एक दिन पहले ही चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर कहा था कि कथित आचार संहिता उल्लंघन को लेकर प्रधानमंत्री को आयोग की मंजूरी पर उनकी असहमति दर्ज नहीं किये जाने को लेकर वह चुनाव आयोग की बैठकों से अलग रहेंगे। राहुल गांधी समेत कांग्रेस के अन्य कई नेता चुनाव आयोग पर भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाते रहे हैं।
वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पी चिदंबरम ने भी आयोग पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘हमारा आरोप था कि चुनाव आयोग ठीक से काम नहीं कर रहा है। अब हम इससे आगे बढ़कर कह रहे हैं कि चुनाव आयोग ने अपनी स्वतंत्रता और अधिकारों का पूरी तरह समर्पण कर दिया है। शर्मनाक।’’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘मतदान हो चुका है। अब हम कह सकते हैं कि पिछले दो दिन में प्रधानमंत्री की ‘तीर्थयात्रा’ मतदान को प्रभावित करने के लिए धर्म और धार्मिक प्रतीकों का अस्वीकार्य इस्तेमाल है।’’


Download Android App
Download iOS App



