लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान भाषण देने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज अचानक प्रधानमंत्री को गले लगाकर एकबारगी सभी को चकित कर दिया लेकिन इसके बाद ट्विटर पर चुटकुलों की बाढ़ सी आ गई और “पप्पू की झप्पी” और ‘”हगप्लोमेसी” जैसे हैशटेग चलने लगे।

कई लोगों ने एक बॉलीवुड फिल्म “मुन्नाभाई” के किरदार को याद किया जो अपने विरोधियों को गले लगाकर जीत लेता था, यह किरदार साबित करता था कि गांधीवादी मूल्यों की आज भी प्रासंगिकता है। कांग्रेस अध्यक्ष के सदन में मोदी की ओर जाने और उन्हें गले लगाने का दृश्य टेलीविजन चैनलों और सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर लगातार दिखाया जाने लगा तो लोगों के जेहन में आया कि किस तरह प्रधानमंत्री खुद नेताओं के गले लगते हैं।

संसद ‘मुन्ना भाई की पप्पी – झप्पी’ के लिए नहीं

ट्विटर के एक यूजर ने लिखा, “जैसे नरेंद्र मोदी दूसरों को गले लगाते हैं उसी तरह राहुल ने भी किया, वह भी तब जब कुछ मिनट पहले ही हरसिमरत बादल ने कहा था कि संसद ‘मुन्ना भाई की पप्पी – झप्पी’ के लिए नहीं है।” एक अन्य यूजर अंकुर सिंह ने ट्वीट किया, “और भी बेहूदा गले लगाना ‘हगप्लोमेसी’। एक यूजर ने लिखा “पप्पू बने मुन्ना भाई।”

Harsimrat Kaur and rahul

इस घटनाक्रम से मोदी के चकित होने के बहाने एक यूजर ने सहमति का मुद्दा उठाया और इसे अब तक का सबसे जोर-जबरदस्ती से गले लगाना बताया। एक यूजर ने लिखा, “संभवत: अब तक का सबसे जोर-जबरदस्ती से गले लगाया जाना। सहमति का क्या श्रीमान गांधी।” कई लोगों ने कहा कि राहुल गांधी प्रिया वारियर से सीख रहे हैं।

राहुल के इस कदम से मोदी भी चकित रह गए और गले लगने के लिए खड़े नहीं हो पाए, लेकिन तुरंत खुद को संभालते हुए उन्होंने राहुल गांधी को बुलाया और हाथ मिलाने के साथ-साथ उनकी पीठ थपथपाई। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कुछ कहा भी, लेकिन इसे सुना नहीं जा सका।अपनी सीट पर वापस आने के बाद राहुल ने कहा ‘हिंदू होने का यही अर्थ है।’

राहुल गांधी ने कहा ‘प्रधानमंत्री मोदी , बीजेपी और RSS ने मुझे सिखाया है कि कांग्रेसी होने का अर्थ क्या है , असली भारतीय होने का अर्थ क्या है और एक असली हिंदू होने का अर्थ क्या है। इसके लिए मैं उनका धन्यवाद करता हूं।’ उन्होंने कहा मेरे विरोधी मुझसे नफरत कर सकते हैं , मुझे ‘पप्पू’ कह सकते हैं , लेकिन मुझे इसका गुस्सा नहीं है और न ही प्रधानमंत्री और भाजपा से घृणा है।