राज्यपाल शासन से कश्मीर में हालात नहीं होंगे सामान्य – ओवैसी


Owaisi

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार को कहा कि पीडीपी जम्मू एवं कश्मीर सरकार से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बाहर होने का फैसला और संभावित राज्यपाल शासन लागू होने से राज्य में हालात सामान्य नहीं होंगे।

ओवैसी ने  कहा, ‘राज्यपाल शासन लागू होने के बाद भी हालात सामान्य नहीं होंगे…इससे अधिक दबाव पड़ेगा। भाजपा का वास्तविक एजेंडा अनुच्छेद 370 को रद्द करने का है। कोई भी कश्मीरी इसे मंजूर नहीं करेगा।’

उन्होंने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से कोई हमदर्दी नहीं है और उन्हें कश्मीर घाटी में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी और महबूबा के लिए कोई राजनीतिक भविष्य दिखाई नहीं देता। महबूबा ने भाजपा की घोषणा बाद इस्तीफा दे दिया।

इससे पहले भाजपा ने महबूबा मुफ्ती सरकार से अपना गठबंधन तोड़ते हुए राज्य में राज्यपाल शासन लगाने की मांग की है। भाजपा की ओर राज्य में गठबंधन तोड़ने की घोषणा करने के बाद मंत्रियों ने इस्तीफे दे दिये हैं।

भाजपा के महासचिव और पार्टी के जम्मू-कश्मीर के प्रभारी राम माधव ने गठबंधन तोड़ने की घोषणा करते हुए कहा कि राज्य में पीडीपी के साथ आगे गठबंधन जारी रखना संभव नहीं है और इसलिए इसे तोड़ने का फैसला किया गया है।

राममाधव ने कहा कि राज्य में शांति बहाल करने तथा जम्मू-कश्मीर का तेजी से विकास करने के उद्देश्य से हमने पीडीपी के साथ गठबंधन किया था। मोदी सरकार ने राज्य में विकास के लिए काफी काम किया है। राज्य के विकास के लिए जो भी संभव था सब कुछ किया गया।

उन्होंने कहा कि राज्य में आतंकवाद, हिंसा तथा अतिवाद बढ़ है और घाटी में लोगों के मूलभूत अधिकार खतरे में पड़ गये थे। केंद्र सरकार की ओर से समर्थन के बावजूद पीडीपी ने राज्य के हालात को नियंत्रित करने के विफल हो गयी।

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