सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बायोपिक के प्रदर्शन पर रोक लगाने के लिये कांग्रेस नेता की याचिका पर वह आठ अप्रैल को सुनवाई करेगा। न्यायमूर्ति एस. ए. बोबड़े की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि याचिका पर वह सोमवार को सुनवाई करेगी। याचिकाकर्ता और कांग्रेस प्रवक्ता अमन पंवार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि दो हाई कोर्ट ने विवेक ओबेरॉय अभिनीत फिल्म के प्रदर्शन के मामले में हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया है।
उन्होंने कहा कि इस फिल्म का प्रदर्शन निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव को प्रभावित कर सकता है। सिंघवी ने कहा कि फिल्म पहले पांच अप्रैल को प्रदर्शित होनी थी, लेकिन गुरुवार को मीडिया में खबर है कि इसे कुछ दिन आगे बढ़ा दिया गया है।
मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर पीठ ने ‘पीएम नरेन्द्र मोदी’ नामक इस फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने से बुधवार को इंकार कर दिया था। वहीं बंबई हाई कोर्ट ने भी सोमवार को ऐसे ही एक मामले का निपटारा करते हुए कहा था कि इस मसले से निर्वाचन आयोग निपटेगा। हालांकि चुनाव आयोग द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन पर बनी बायोपिक फिल्म की रिलीज को रोके जाने की संभावना नहीं है और इस मुद्दे को सीबीएफसी के विवेक पर छोड़ा जा सकता है।
आयोग के सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी। कांग्रेस सहित विपक्षी दलों का दावा है कि फिल्म चुनाव में भाजपा को अनुचित लाभ देगी और चुनाव समाप्त होने तक इसके रिलीज को टाल दिया जाना चाहिए। सात-चरण में होने वाले लोकसभा चुनाव 11 अप्रैल से शुरू होने हैं और 19 मई को समाप्त होंगे। 10 मार्च को चुनाव की घोषणा के साथ आदर्श आचार संहिता लागू हो गया था।
संहिता सभी दलों और उम्मीदवारों को एक समान धरातल उपलब्ध कराने पर बल देती है। आयोग में एक राय है कि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड मामले पर निर्णय लेने का सक्षम प्राधिकारण है। फिल्म ‘पीएम नरेंद्र मोदी’ पहले चरण के मतदान की तारीख से एक सप्ताह पहले 5 अप्रैल को रिलीज होने वाली है।


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