जैसे की आप जानते है आंखे शरीर का सबसे कमजोर हिस्सा है जिसकी देखभाल बेहद जरुरी हैं। आज की जनरेशन कम्प्यूटर और मोबाइल में का इस्तेमाल कुछ ज्यादा ही करने लगी है ऑफिस में ज्यादा कम्प्यूटर पर काम करने की वजह से आंखों में जलन सी होने लग जाती है। और आंखों को बिलकुल भी आराम नहीं देते है। जिससे आंखे से जोड़ी बीमारियां भी उत्पन्न हो रही है ।  आपको भी आंखों में जलन, थकान तथा भारीपन रहता है ।

तो आप कर सकते है ये उपाय –

अगर आपकी आंखों में जलन हो रही है, तो आप गुलाब जल से आंखे साफ कर सकते है। रूई के 2 बड़े टुकड़े लीजिए तथा इन्हें गुलाब जब में डुबोकर आंखों पर रखें। इससे आंखों की जलन दूर होगी। अगर आंखों की तकलीफ की वजह से सिर दर्द भी रहता है तो भी ये उपाय लाभदायक रहेगा। इससे सिर दर्द भी दूर होगा।

> अगर आपकी आंखों में परेशानी है तो दालचीनी वाली चाय पीना भी आपके लिए लाभदायक रहेगा। दालचीनी वाली चाय नसों में आ चुके तनाव को कम करने में सहायक है। इससे आंखों को भी आराम मिलता है।

> हथेलियों की गर्माहट भी आंखों के लिए लाभदायक है। अगर आपको थकान लग रही है तो दोनों हथेलियों को आपस में रगडऩा चाहिए। इससे हथेलियां गर्म होगी। इससे आंखों की मसाज कीजिए। आराम मिलेगा।

>  सुबह उठकर मुहँ में पानी भरकर आँखें खोलकर साफ पानी के छीटें आँखों में मारने चाहिए इससे आँखों की रौशनी बढ़ती है ।

> प्रातः खाली पेट आधा चम्मच ताजा मक्खन, आधा चम्मच पसी हुई मिश्री और 5 पिसी काली मिर्च मलाकर चाट लें, इसके बाद कच्चे नारीयल की गिरी के 2-3 टुकड़े खूब चबा-चबाकर खाये और ऊपर से थोड़ी सौंफ चबाकर खा लें फिर दो घंटे तक कुछ भी न खाये। यह क्रिया 2-3 माह तक जरूर करिये ।

> रात को 1 चम्मच त्रिफला मिट्टी के बर्तन में भिगाकर सुबह छाने हुए पानी से आँखें धोयें। इससे आँखों की रोशनी बढ़ती है और कोई बीमारी भी नहीं होती है।

>  प्रातःकाल सूर्योदय से पहले नियमित रूप से हरी घास पर 15-20 मिनट तक नंगे पैर टहलना चाहए। घास पर ओस की नमी रहती है नंगे पैर इस पर टहलने से आँख को तनाव से राहत मिलती है।और रौशनी भी बढ़ती है ।

> पैरों के तलवे की सरसों के तेल से नियमित मालिश करनी चाहिए । नहाने से 10 मिनट पूर्व पैरों के अंगूठों को सरसों के तेल से तर करने से आँखों की रौशनी लम्बे समय तक कायम रहती है ।

> पालक, पत्ता गोभी, हरी सब्जियाँ और पीले फल खाएं। विटामिन ए, सी और ई से भरपूर कई पीले फल हमारी आंखों के लिए फायदेमंद हैं। इसके अतिरिक्त पपीता, संतरा, नींबू आदि के सेवन से दिन की रोशनी में हमारे देखने की क्षमता बढ़ती हैं।

>  आँखों की रौशनी बढ़ाने के लिए प्रतिदिन 1-2 गाजर खूब चबा-चबाकर खाएँ । गाजर का रस निकालकर भोजन के घंटे भर बाद पिएँ।

>  नियमित रूप से अंगूर खाएं, अंगूर के सेवन से रात में देखने की क्षमता बढ़ती है।

>  10 ग्राम छोटी हरी इलाइची , 20 ग्राम सौंफ के मिश्रण को महीन पीस लें। एक चम्मच चूर्ण को दूध के साथ नियमित रूप से पीने से आंखों की ज्योति अवश्य ही बढ़ती है।

>  अनार के 5 से 6 पत्ते को पीस कर दिन में 2 बार लेप करने से दुखती आँख में लाभ होता हे और रौशनी भी बढ़ती है ।

>  300 ग्राम सौंफ को अच्छे से साफ करके कांच के बर्तन में रख ले अब बदाम और गाजर के रस से सौंफ को तीन बार भगोएँ जब सुख जाए तो इसे रोज रात दूध के साथ लें इससे भी आँखों की रोशनी बढ़ती है ।

> सूखें आँवले को रात में पानी में अच्छी तरह धोकर भिगो दें फिर दिन में 3 बार इसे रुई से आँखों में डालें और आँवले का ज्यादा ज्यादा किसी ना किसी रूप में अपने खाने / पीने में अवश्य ही प्रयोग करें। 3 माह के अंदर ही चश्मा उतर जायेगा ।

> एक चम्मच त्रिफला चूर्ण, एक चम्मच शहद और 2 चम्मच गाय के घी को आपस में मिलाकर नित्य रात को सोने से पहले चाट लें । इससे आँखों के रोग दूर रहते है , आँखों की रौशनी बढ़ती है और शारीरिक कमजोरी भी दूर होती है । ( ध्यान रहे कि घी और शहद बराबर मात्रा में ना हो )

>  एक चम्मच मुलेठी का पाउडर , एक चम्मच शहद और आधा चम्मच देसी घी इन तीनो को मिलाकर एक गिलास गर्म दूध के साथ सुबह शाम लगातार 3 माह तक लेने से नेत्रों की पड़ने की रौशनी बहुत बड़ जाती है ।

> प्रतिदिन भोजन के साथ 50 से 100 ग्राम मात्रा में पत्तागोभी के पत्तों का सलाद बारीक कतर कर, इन पर पिसा हुआ सेंधा नमक और काली मिर्च डालकर खूब चबा-चबाकर खाएँ।

>  आंखों की स्वस्थ्यता के लिए अच्छी नींद जरूरी है, नहीं तो आंखों के नीचे काला घेरा पड़ जाता है और रोशनी भी कम होती है।

>  जब आँख भारी होने लगे नींद का समय हो जाए तब जागना उचित नहीं। सूर्योदय के बाद सोये रहने, दिन में सोने और रात में देर तक जागने से आँख पर बुरा प्रभाव पड़ता है और धीरे-धीरे आँखे रुखी और बेजान होने लगती है

> लगातार, बिस्तर पर लेट कर और यात्रा के दौरान पढ़ना नहीं चाहिए। पढ़ाई के समय आंखों को पर्याप्त विश्राम दें। अतिरिक्त सूर्य की और भी टकटकी लगाकर नहीं देखना चाहिए।

> आंखों की रोशनी तेज करने के लिए अपनी डाइट में प्याज और लहसुन को जरूर शामिल करें। इनमें सल्फर होता है जो आंखों के लिए ग्लूटाथाइन नामक एंटीऑक्सीडेंट तैयार करता है, जिससे नेत्रों की ज्योति बढ़ती है ।

>  लगातार टीवी देखने से आंखों की ज्योति घटती है क्योंकि टीवी से निकलने वाली घातक किरणे हमारी आँखों को बहुत ज्यादा नुकसान पहुँचती है। कभी भी बहुत पास या बहुत दूर और लेटकर भी टीवी नहीं देखना चाहिए ।

> आँखों से चश्मा हटाने के लिए अपनी आँखों के आस पास अखरोट के तेल की मालिश करें इससे आँखों की रौशनी तेज होती है और आँखों से चश्मा भी उतर जाता है । यह बहुत ही आसान किन्तु अचूक उपाय है ।

> नज़र तेज करने के लिए एक कटोरी में एक चाय का चम्मच गाय का घी लेकर उसमें 1 / 4 चम्मच काली मिर्च का पाउडर मिलाएं। इसका नित्य प्रात: सेवन करने से आँखों की रौशनी तेज होती है ।

> त्रिफला के क्वाथ से रोजाना आंखों को धोने से नेत्र रोग दूर होते हंै। त्रिफला क्वाथ को शहद या घी के साथ लेने से भी नेत्र रोगों में लाभ होता है। त्रिफला चूर्ण को एक भाग घी व तीन भाग शहद के साथ लेने से लाभ होता है।

> रोजाना एक चम्मच शहद खाने से भी आंखों की रोशनी दुरूस्त रहती है। लेकिन ध्यान रहे कि शहद शुद्ध हो।

> सुश्रुत संहिता के अनुसार रतौंधी यानी रात के अंधेपन के लिए अगस्त्य वृक्ष के फूल उपयोगी होते हैं। इन फूलों को पानी में भिगो दें कुछ देर बाद इन्हें मसलकर बंद आंखों पर रखें।

> पांव के तलवों की रोजाना मालिश करने से भी आंखों की रोशनी बढ़ती है। इसके लिए नारियल तेल या तिल का तेल फायदेमंद होता है।

>  तला हुआ भोजन आंखों को नुकसान पहुंचाता है, जबकि दूध में पका हुआ अन्न आंखों के लिए लाभकारी होता है। ठंडी खीर में शहद मिलाकर सुबह-सुबह खाने से आंखों की रोशनी दुरूस्त रहती है।

> आंखों को सेहतमंद बनाए रखने के लिए देर रात भोजन करने से बचें और गरिष्ठ भोजन से भी परहेज करें।

> मूंग की दाल भी नेत्र ज्योति को स्वस्थ बनाए रखती है।

> शुद्ध घी को लोहे के बर्तन में रखना चाहिए। इस घी के प्रयोग से आंखों की रोशनी बनी रहती है। पुराने लेकिन शुद्ध घी की दो-दो बूंदें नाक में डालने से भी लाभ होता है।

साथ ही डॉक्टर से भी जरूर सलाह जरूर ले।