आयकर विभाग ने तमिलनाडु में सड़क निर्माण का काम करने वाली एक कंपनी के कई परिसरों पर कल छापा मार कर 163 करोड़ रूपये नकद और लगभग 101 किलोग्राम सोना जब्त किया। यह आयकर विभाग की सबसे बड़ी कारवाइयों में से एक है। आयकर विभाग सूत्रों ने चेन्नई में पीटीआई को बताया कि कंपनी ने कर चोरी करने और यह धन उसी का होने की बात स्वीकार कर ली है। साथ ही, वह कर, जुर्माना और रिटर्न भुगतान करने के लिए तैयार हो गई है।

मैसर्स एसपीके एंड कंपनी के परिसरों पर छापे मारे गए हैं। यह एक साझेदारी फर्म है। यह सरकार से मिले ठेके के तहत सड़क एवं राजमार्ग निर्माण का काम करती है। आयकर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘अब तक करीब 163 करोड़ रूपये नकद जब्त किये गये हैं जिसके बेहिसाबी होने का संदेह है। साथ ही करीब 100 किलोग्राम सोने के आभूषण भी जब्त किये गये हैं।’’

उन्होंने कहा कि छापेमारी अभी जारी है। आज और करीब चार करोड़ रूपये नकद जब्त किए गए और कुछ आभूषणों का रिकार्ड से मिलान किया जा रहा है।  सूत्रों ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो इन आभूषणों को भी जब्त कर लिया जाएगा।

कंपनी ने अपने ठेके का काम किसी और कंपनी से कराने, मजदूरों के कार्य और बिटूमेन की खरीदारी पर खर्च बढ़ा चढ़ा कर दिखाने जैसे उपायों को अपना कर कर चोरी की। साथ ही, कंपनी के मुनाफे को घटा कर दिखाया।  एक बीएमडब्ल्यू कार में 36 करोड़ रूपया और एक अन्य लग्जरी कार में करीब 25 करोड़ रूपया पाया गया।

करदाता ने सिर्फ 24 लाख रूपया नकद अपने घर में रखा था और शेष रकम तथा सोना अपने कर्मचारियों और सहयोगियों के ठिकानों पर छिपा कर रखा था। मुख्य कंपनी मुख्य रूप से राजर्मा और रोड ब्रिज सहित सिविल कंस्ट्रक्शन कार्य करती है जबकि उनकी अनुषंगी कंपनियां होटल और ब्लू मेटल का कारोबार करती है।

अधिकारियों ने बताया कि विभाग ने बड़ी संख्या में दस्तावेज, कम्प्यूटर और अन्य हार्डवेयर भी जब्त किये हैं। अधिकारियों ने कहा यह जब्ती देश में कहीं भी की गई छापेमारी में अब तक की शायद सबसे बड़ी कार्रवाई है।

गौरतलब है कि विभाग ने नोटबंदी के बाद चेन्नई में एक खनन माफिया के परिसरों में छापा मार कर 110 करोड़ रूपया से अधिक बरामद किया था। उन्होंने कहा कि विभाग की चेन्नई इकाई यह अभियान चला रही है अधिकारियों ने बताया कि चेन्नई में 17, अरुप्पुकोट्टाई में चार और कोटपाडी में एक परिसर सहित 22 ठिकानों पर छापेमारी चल रही है।