इंटरनेशनल कोर्ट ने कुलभूषण की फांसी पर लगाई रोक


Kulbhusan Jadhav

नई दिल्ली, हेग (स्विटजरलेंड) : पाकिस्तान को इंटरनेशनल कोर्ट ने जासूसी के आरोप में पकड़े गए भारतीय नागरिक और पूर्व नौसेनिक अधिकारी कुलभूषण जाघव को फांसी पर चढ़ाने के फैसले पर रोक लगाने का फरमान जारी किया है। यह मोदी सरकार की एक बड़ी कूटनीतिक जीत है। महाराष्ट्र के सांगली में रहने वाले इस रिटायर्ड नौसैनिक अधिकारी को पाकिस्तान ने 2016 में बलूचिस्तान से गिरफ्तार कर लिया था और तब से वह पाकिस्तान की जेल में ही बंद है। उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान की सैन्य कोर्ट ने इस भारतीय नागरिक को जासूसी के आरोप में फांसी की सजा सुनाई थी। इसके बाद भारत ने दुनियाभर में पाकिस्तान को बेनकाव किया और अपने नागरिक को बचाने के लिए मुहिम छेड़ दी।

इंटरनेशनल कोर्ट में कुलभूषण जाघव की फांसी के निर्णय को चुनौती दी गई और रात 12 बजे के बाद हेगन से भारत के लिए यह खुशखबरी आई। प्रधानमंत्री मोदी सारे मामले में जहां विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से नियमित फीडबैक ले रहे थे तो वहीं एनएसए अजीत डोभाल से भी बरावर जानकारी लेते रहे। बताते हैं कि सारे मामले में श्री डोभाल ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मोर्चाबंदी करते हुए पाकिस्तान के तमाम आरोपों को तकनीकी आधार पर अवैध प्रमाणित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी, आरोपों में कोई जान नहीं थी बात उन्हें प्रमाणित करने की थी, जिसमें भारत को सफलता मिली। पाकिस्तान ने जाघव पर सारे आरोप गलत लगा रखे थे लेकिन अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट में उसकी एक नहीं चली और भारत की अपील को स्वीकार करते हुए योग्य जजों ने कहा कि गलत आरोपों के चलते फांसी नहीं दी जा सकती। पाकिस्तान इस फैसले से करार झटका लगा है।