जम्मू कश्मीर में आतंकियों की मांद में घुसकर उनको मौत के घाट उतरने की तैयारी पूरी हो गई है। आपको बता दे कि राज्य में महबूबा मुफ्ती की सरकार गिरने के बाद राज्यपाल शासन लागू होते ही सेना ऑपरेशन तेज कर दिया है। इसी के साथ राज्य में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल भी देखने को मिला।

खास बात ये है कि आतंकियों के साथ सख्ती से निपटने के लिए अब सख्त और कड़े नियम वाले अधिकारियों को कश्मीर भेजा गया है। जहां चंदन तस्कर वीरप्पन को मार गिराने वाले IPS अफसर विजय कुमार को जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल का सलाहकार बनाया गया है। इनके अलावा IAS बीवीआर सुब्रमण्यम को राज्य का मुख्य सचिव अपॉइंट किया गया है। ये दोनों अफसर आंतरिक सुरक्षा के माहिर माने जाते हैं।

आपको बता दे कि विजय कुमार ने बन्नारी अम्मान के मंदिर में प्रण किया था कि जबतक वीरप्पन को मार नहीं देंगे अपने सिर के बाल नहीं कटवाएंगे। इसके बाद विजय कई साल तक वीरप्पन की तलाश में भटकते रहे। वो हर छोटे से छोटे सबूतों को वीरप्पन की ताबूत का कील बनाने में जुटे थे। आखिरकार विजय कुमार की मेहनत रंग लाई। 18 अक्टूबर,2004 को उन्होंने अपने साथियों के साथ तमिलनाडु के धरमपुरी जंगल में एक सुनियोजित एनकाउंटर के तहत वीरप्पन को मार गिराया।

वही , राज्य में राज्यपाल शासन लागू होने के बाद से ही उम्मीद की जा रही थी कि केंद्र सरकार आतंकियों और पत्थरबाजों के खिलाफ बड़ा एक्शन लेंगी। इसी के तहत सरकार ने इन दोनों अफसरों को तैनात किया है।

जानिए ! कौन हैं बीवीआर सुब्रमण्यम
सुब्रमण्यम 1987 बैच के IASऑफिसर हैं। इनकी अगुवाई में कई बड़े ऑपरेशन को सफलता पूर्वक अंजाम तक पहुंचाया गया। इनमें नक्सलियों के खिलाफ कई ऑपरेशन शामिल हैं। फिलहाल सुब्रमण्यम छत्तीसगढ़ में गृह विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी थे। उन्हे डेपुटेशन पर जम्मू-कश्मीर भेजा गया है।

जानिए ! कौन हैं के. विजय कुमार
विजय कुमार तमिलनाडु कैडर के 1975 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। 1998-2001 के बीच वो कश्मीर वैली में बीएसएफ के इंस्पेक्टर जनरल थे। उस वक्त सीमा सुरक्षा बल ने आतंकवादियों के खिलाफ जमकर कार्रवाई भी की थी। 65 साल के विजय कुमार उस वक्त सबसे ज्यादा चर्चे में रहे जब वो स्पेशल टास्क फोर्स यानी एसटीएफ में तैनात थे।

साल 2004 में चंदन तस्कर वीरप्पन को घेर कर उसे उसके अंजाम तक पहुंचाने वालों में के विजय कुमार का नाम शुमार है। 2010 में जब नक्सलियों ने दंतेवाड़ा में सीआरपीएफ के 75 जवानों की हत्या कर दी, तब नक्सलियों पर नकेल कसने के लिए के विजय कुमार को सीआरपीएफ का डायरेक्टर जनरल बनाया गया था। तो साफ है कि नक्सलियों के बाद अब बारी आतंकवादियों की है।

जानिए ! कौन हैं बीबी व्यास
60 साल के आईएएस अधिकारी बीबी व्यास को गवर्नर एनएन वोहरा का भरोसेमंद माना जाता है। बीबी व्यास जब राज्य के मुख्य सचिव थे तब 31 मई 2018 को उन्हें सेवाकाल में एक साल का एक्सटेंशन भी दिया गया है। बीबी व्यास की गिनती एक तेज तर्रार आईएएस अधिकारी के तौर पर होती है।

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