महाराष्ट्र सरकार बंबई उच्च न्यायालय के उस आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रुख करेगी जिसमें अल्पसंख्यक डिग्री कॉलेजों में पिछड़े समुदाय के छात्रों के लिए कोटा खत्म करने के लिए कहा गया था। राज्य के मंत्री विनोद तावडे और राजकुमार बडोले ने यह जानकारी दी।

मुंबई विश्वविद्यालय द्वारा डेढ़ दशक पहले जारी किए गए एक परिपत्र के अनुसार , अल्पसंख्यक कॉलेजों को अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों के लिए 50 फीसदी आरक्षण के अलावा ओबीसी और एससी तथा एसटी छात्रों के लिए सीटें आरक्षित करनी होगी।

बंबई उच्च न्यायालय ने पिछले साल नवंबर में इस परिपत्र को रद्द कर दिया था। महाराष्ट्र नवनिर्माण विद्यार्थी सेना , भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ और अन्य समेत कई छात्र संघों ने कल राज्य सचिवालय में एक बैठक के दौरान तावडे और बडोले के समक्ष यह मुद्दा उठाया।

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक , बैठक के बाद दोनों मंत्रियों ने घोषणा की कि उच्चतम न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका दायर की जाएगी।

सामाजिक न्याय मंत्री बडोले के हवाले से बयान में कहा गया , ‘‘ सरकार पिछड़े समुदाय के छात्रों के लिए कोटा सुनिश्चित करने को लेकर सकारात्मक है। सरकार इन छात्रों के हित में उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देते हुए तत्काल एक याचिका दायर करेगी। ’’

बयान में कहा गया कि शिक्षा मंत्री तावडे ने आश्वस्त किया कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि छात्रों को अकादमिक रूप से परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

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