मुंबई में महाराष्ट्र का मंत्रालय सुसाइट पॉइंट बनता जा रहा है। एक महीने में 2 लोग यहां पर आत्महत्या कर चुके हैं जबकि एक को आत्मदाह के ठीक पहले पकड़कर उसकी कोशिश नाकाम की जा चुकी है। गुरुवार पैठण की खुली जेल से पैरोल पर छूटे एक कैदी हर्षल रावते ने मंत्रालय की पांचवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। उसे गुरुवार को ही जेल में लौटना था। इसी मंजिल पर गृह मंत्रालय का कार्यालय है, जो मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास है। खबरों के मुताबिक, हर्षल रावते ने मुंबई में अपनी साली की हत्या कर दी थी। उसे 14 साल उम्रकैद की सजा हुई थी।

अतिरिक्त महानिदेशक (जेल) बी.के. उपाध्याय के मुताबिक, जेल में उसके अच्छे व्यवहार के कारण उसे 2014 में पैठण की खुली जेल में स्थानांतरित कर दिया गया था। उसके आवेदन पर उसे 10 जनवरी से 8 फरवरी तक पैरोल दिया गया था। मृत हर्षल की जेब से एक सूइसाइड नोट मिला है। मिली जानकारी के मुताबिक, वह खुद को मिली उम्रकैद की सजा के कारण निराश था। अनुमान है कि वह इसी संबंध में मंत्रालय में गृह विभाग के अधिकारियों से मिलने आया था। उसकी जेब से एक पहचान पत्र मिला है, जिससे यह पता चला है कि वह महाराष्ट्र विधि सेवा प्राधिकरण की औरंगाबाद शाखा के तहत पैठण में बतौर ‘पैरा लीगल स्वयंसेवक’ कार्यरत था। उसकी जेब से पैनकार्ड और आधारकार्ड भी मिला है। इन पर चेंबूर का पता है।

चेंबूर में उसके पिता सुरेश रावते की मसाले की दुकान है। पांचवीं मंजिल से कूदने के बाद हर्षल को जख्मी हालत में अस्पताल ले जाया गया। जेजे अस्पताल के डीन डॉ. सुधीर ननंदकर के मुताबिक, अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। मंत्रालय में आत्महत्या करने और आत्महत्या की कोशिश करने की पिछले 18 दिनों में यह तीसरी घटना है। 22 जनवरी को 84 साल के बुजुर्ग किसान धर्मा पाटील ने कीटनाशक खा लिया था। 6 दिन बाद अस्पताल में धर्मा पाटिल की मौत हो गई थी। उनके बेटे ने न्याय ना मिलने तक पिता का शव लेने से इनकार कर दिया था। मुद्दा एक परियोजना के लिए ली गई जमीन की कीमत में भेदभाव के आरोप का था। राज्य सरकार को जांच का लिखित आश्वासन देना पड़ा तब जाकर धर्मा पाटिल का अंतिम संस्कार हो पाया था। 7 फरवरी को भी मंत्रालय के गेट के बाहर एक युवक ने मिट्टी का तेल डालकर खुद को जलाने की कोशिश की थी।

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