नयी दिल्ली :  भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा का जनाधार बढ़ने से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भयभीत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवा दल को तीन ‘‘यात्राओं’’ की अनुमति नहीं देकर तृणमूल कांग्रेस प्रमुख राज्य में लोकतंत्र का ‘गला घोंट’ रही हैं। ममता बनर्जी सरकार से इजाजत नहीं मिलने और अदालत से भी राहत नहीं मिलने पर भाजपा को राज्य में अपनी तीन ‘‘रथ यात्राएं’’ रद्द करनी पड़ गई, जिसके बाद शाह ने यह प्रहार किया है। शाह ने दिल्ली में संवाददाताओं से कहा, ‘‘ हम निश्चित तौर पर यात्राएं निकालेंगे और हमें कोई भी व्यक्ति नहीं रोक सकता। पश्चिम बंगाल में बदलाव के प्रति भाजपा प्रतिबद्ध है। ‘यात्राएं’ रद्द नहीं हुई हैं, महज स्थगित हुई हैं।’’ उन्होंने कहा कि यात्राओं की इजाजत लेने के लिए उनकी पार्टी न्यायिक प्रक्रिया का पालन करेगी। उन्होंने कहा कि वह शनिवार को पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगे।

शाह ने राज्य सरकार के इस दावे को खारिज कर दिया कि उनकी पार्टी के कार्यक्रमों से साम्प्रदायिक तनाव पैदा होगा। उन्होंने कहा कि उन्होंने 23 बार इस राज्य की यात्रा की है और वहां कभी कोई साम्प्रदायिक हिंसा नहीं हुई। गौरतलब है कि कलकत्ता उच्च न्यायालय ने भाजपा को कूचबिहार में ‘‘ रथयात्रा ’’ निकालने की अनुमति देने से बृहस्पतिवार को इनकार कर दिया था क्योंकि राज्य सरकार ने यात्रा निकाले जाने पर हिंसा होने का अंदेशा जताया था। शाह इन यात्राओं को शुक्रवार को हरी झंडी दिखाने वाले थे। यात्रा के लिए इजाजत देने से अदालत के इनकार के बाद भाजपा ने खंडपीठ के समक्ष अपील की है। ममता और उनकी पार्टी पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा कि राज्य के लोग बदलाव के लिए तैयार हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकसभा चुनाव में प्रदेश में पार्टी काफी संख्या में सीटें जीतेगी।

शाह ने कहा कि राज्य में उनकी पार्टी का विस्तार होने और पंचायत चुनाव में 7000 से भी अधिक सीटों पर जीत हासिल करने से ममता घबरा गई हैं। इससे उन्हें रातों को नींद नहीं आ रही है और वह भयभीत हो गई हैं। भाजपा प्रमुख ने कहा कि ममता जानती हैं कि ये यात्राएं बदलाव की नींव रखेंगी, इसलिए वह उन्हें रोकने की कोशिश कर रही हैं। बहरहाल, ममता या उनकी पार्टी ने शाह के आरोपों पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। शाह के मुताबिक राज्य सरकार अक्सर ही उनकी पार्टी के कार्यक्रमों को इजाजत देने से इनकार कर देती है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से ममता बनर्जी लोकतांत्रिक नियमों की अनदेखी करने के लिए अपनी सरकार का इस्तेमाल कर रही है वह बहुत ही अलोकतांत्रिक और लोकतंत्र का गला घोंटने वाला है। शाह ने कहा कि वह मुख्यमंत्री को यह बिन मांगी सलाह देंगे कि उनकी सरकार भाजपा को दबाने की जितनी कोशिश करेगी, उतनी ही ज्यादा नाराजगी जनता के बीच बढ़ेगी।

उन्होंने कहा कि राज्य में पंचायत चुनाव में इस सरकार में जितनी हिंसा हुई उतनी वाम मोर्चा की सरकार में भी नहीं हुई थी। भाजपा अध्यक्ष ने एक अध्ययन के हवाले से बताया कि देश में हुई 100 राजनीतिक हत्याओं में 26 हत्याएं पश्चिम बंगाल में हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य, शिक्षा और व्यापार के क्षेत्रों में माफिया काम कर रहा है तथा सरकार ध्वस्त हो गई है। उन्होंने कहा कि न सिर्फ सरकार, बल्कि राज्य प्रशासन भी एक समुदाय के ‘‘राजनीतिक तुष्टिकरण’’ की कोशिश कर रहा है। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में हाल में हुई हिंसा पर टिप्पणी करने को कहे जाने पर शाह ने इस बात का जिक्र किया कि राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस बारे में बात कर चुके हैं और मामले की जांच के लिए एक एसआईटी गठित की गई है। इस बीच, कूचबिहार में मौजूद भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि यदि अदालत ने इजाजत दी तो शाह शहर में होंगे। यदि इजाजत नहीं मिली तो वह कोलकाता में पार्टी पदाधिकारियों से मिलेंगे। विजयवर्गीय ने भी कहा कि राज्य में यात्राएं निकाली जाएंगी। यदि कलकत्ता उच्च न्यायालय से आदेश नहीं मिला तो हम उच्चतम न्यायालय जाएंगे। उन्होंने एक आपात बैठक की जिसमें हालात का जायजा लेने के लिए राज्य से पार्टी के वरिष्ठ नेता शरीक हुए।