मोदी सरकार ने दिल्लीवासियों को दी सीलिंग से बड़ी राहत , 2021 में संशोधन पर मंत्रालय की मुहर


Delhi Sealing

दिल्लीवालों के लिए मुसीबत बनी सीलिंग की परेशानी अब खत्म होने जा रही है। बता दे कि दिल्ली में पिछले 7 माह से लोकल शॉपिंग कांप्लेक्स (एलएससी) में चल रही सीलिंग की कार्रवाई से केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। सीलिंग शुरू होने के करीब आठ महीने बाद केंद्रीय आवास एवं शहरी मामले मंत्रालय ने मास्टर प्लान-2021 में संशोधन को मंजूरी देते हुए इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। अब केंद्र सुप्रीम कोर्ट में शीघ्र हलफनामा दाखिल करेगा।

माना जा रहा है तब तक सीलिंग पर रोक लगी रहेगी। इतना ही नहीं संशोधन के दायरे में आने वाले गोदामों से भी सीलिंग की तलवार हट गई है।

मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अधिसूचना जारी होने के साथ ही सीलिंग की प्रक्रिया थम जाएगी। हालांकि, इस पर आखिरी मुहर कोर्ट को ही लगानी है। बता दें कि फरवरी में मंत्रालय ने मात्र एक सप्ताह में संशोधन का ड्राफ्ट तैयार करने से लेकर इससे जुड़ी अन्य प्रक्रिया निपटा दी थी।

जिस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए संशोधन की प्रक्रिया ही रोक दी थी। वहीं, डीडीए को आदेश दिया था कि वह सभी पक्षों के सुझाव लेने के बाद ही इस पर आगे बढ़े। डीडीए को जनसुनवाई में मास्टर प्लान संशोधन के लिए 814 सुझाव मिले थे। हालांकि अधिसूचना जारी होने के बाद भी व्यापारियों को अपनी दुकानों से सील हटवाने के लिए कोर्ट के फैसले का इंतजार करना होगा।

एग्रीकल्चर लैंड, लाल डोरा इलाके में बने गोदामों के सील होने का खतरा भी खत्म। हालांकि कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी जैसे गोदाम तक सीधी सड़क हो, सामान वाली गाड़ियां गोदाम के अंदर ही रहें। उनमें खतरनाक सामान न हो।

जो स्थानीय बाजार 1962 से पहले विकसित हो गए थे, वहां भी मिक्स्ड लैंड यूज की शर्तों के मुताबिक कमर्शल गतिविधियां जारी रख सकेंगे। ऐसे इलाकों में लाजपत नगर, राजौरी गार्डन, तिलक नगर, कमला नगर आदि क्षेत्र शामिल हैं।

लोकल शॉपिंग सेंटर, कन्वीनियंट शॉपिंग सेंटर, कमर्शल कॉम्पलेक्स की दुकानों को राहत मिलेगी। दरअसल, अब शॉपिंग एरिया में FAR 180 से बढ़ाकर 350 किया गया है। ऐसे में दुकान के ऊपर का निर्माण भी नियम विरुद्ध नहीं होगा। हालांकि, अभी सदर बाजार और करोल बाग पर खतरा कायम है।

बता दें कि मंत्रलय ने सीलिंग से राहत देने के लिए फरवरी में आनन-फानन में ड्राफ्ट तैयार कर संशोधन की प्रक्रिया को एक सप्ताह में ही पूरा कर लिया था। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने छह मार्च 2018 को आदेश जारी कर संशोधन पर रोक लगा दी थी। 15 मई को सुप्रीम कोर्ट ने डीडीए को संशोधनों पर जनसुनवाई करने का आदेश दिया था। इसके बाद अब केंद्र सरकार ने डीडीए के प्रस्तावों पर मुहर लगाते हुए अधिसूचना जारी कर दी है।

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