कांग्रेस ने आज आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार ने अगस्ता वेस्टलैंड मामले के आरोपी क्रिश्चियन मिशेल पर दबाव बनाकर उसकी वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी को फंसाने की साजिश रची ।

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ”अगस्ता वेस्टलैंड मामले में आरोपी क्रिश्चियन मिशेल को दो दिन पहले दुबई में गिरफ्तार किया गया। उसकी बहन शाशा ओजेनैन व वकील रोज़मैरी पैट्रिज़ी ने कहा है कि मोदी सरकार व उसकी कठपुतली एजेंसियां -सीबीआई/ईडी मिशेल को सोनिया गांधी को साजिश में फंसाने के लिए दबाव डाल रही हैं।”

उन्होंने दावा किया, ”एजेंसियां मिशेल पर सोनिया गांधी का नाम लेते हुए एक हलफनामा/बयान देने के एवज़ में उसे हर प्रकार के आरोप से मुक्त करने की सौदेबाजी कर रहे हैं व दबाव डाल रहे हैं।”

सुरजेवाला ने आरोप लगाया, ” भारत सरकार की कठपुतली एजेंसियां- सीबीआई/ईडी एक तरफ तो दुबई की अदालत में कोई भी साक्ष्य या सबूत पेश करने में विफल रहे हैं, और दूसरी तरफ मिशेल को एक षडयंत्रकारी पुर्जे की तरह इस्तेमाल कर विपक्षी नेताओं के खिलाफ दुर्भावना व पूर्वाग्रह से साजिश कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा, ”आज का दिन लोकतंत्र के लिए ‘‘काला अध्याय’’ है। आज हुए षडयंत्रकारी खुलासे के बाद, देश के लोग कभी भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को माफ नहीं करेंगे। ”

उन्होंने दावा किया, ”अपने कारनामों व विफलताओं को छिपाने के लिए मोदी जी ने विपक्षी नेताओं व कांग्रेस नेतृत्व पर कीचड़ उछालने की जो घिनौनी साजिश की थी, वह आज उन्हीं पर जा गिरी है। यह बात अब देश के समक्ष जग जाहिर है।”

कांग्रेस नेता ने कहा, ”देश के इतिहास में पहली बार किसी प्रधानमंत्री व सरकार की विपक्षी नेताओं के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसी झूठी साजिश जगजाहिर हुई है । इस दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि मोदी सरकार सीबीआई/ईडी को एक राजनैतिक हथियार के तौर पर राजनैतिक विरोधियों से बदला लेने के लिए इस्तेमाल कर रही है, न कि अपराधों की जाँच और कानून के शासन की अनुपालना के लिए। ‘

सुरजेवाला ने कहा, ”भारतीय जनता पार्टी का चाल,चेहरा और चरित्र आज देश और दुनिया के सामने पूरी तरह बेनकाब हो गया है। अगस्ता वेस्टलैंड मामले की सच्चाई यह भी है कि तत्कालीन यूपीए-कांग्रेस सरकार ने फरवरी, 2013 में 3546 करोड़ की लागत से 12 हैलीकॉप्टर खरीदकर इस अनुबंध को रद्द कर दिया था।”

सुरजेवाला ने कहा, ” संप्रग सरकार ने 12 फरवरी, 2013 को इस मामले की जांच सीबीआई को दे दी थी। राष्ट्रीय हित का अनुसरण करते हुए संप्रग सरकार ने अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी से 2068 करोड़ रुपया बैंक सिक्योरिटी जब्त कर वसूल कर लिया, जबकि मात्र 1620 करोड़ रुपया ही कंपनी को दिया गया था।”

उन्होंने कहा, ” इसके अतिरिक्त तीन अगस्ता वेस्टलैंड हैलीकॉप्टर भी जब्त कर लिए, जिनकी कीमत 886 करोड़ थी। इस प्रकार यूपीए सरकार ने लगभग 3000 करोड़ की वसूली अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी से की। संप्रग सरकार ने 10 फरवरी, 2014 को अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया भी शुरु की जो 3जुलाई, 2014 को पूरी हो गई। ”

सुरजेवाला ने आरोप लगाया, ” मोदी सरकार लगातार रहस्यमयी कारणों से अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी पर दया दृष्टि दिखाती आई है। 26 अगस्त, 2014 को मोदी सरकार ने अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी की ब्लैकलिस्टिंग खत्म कर दी और उसे रक्षा सौदों में सब-कॉन्ट्रैक्टर के तौर पर हिस्सा लेने की इजाजत दे दी।”

उन्होंने कहा, ”एक तरफ अगस्ता वेस्टलैंड पर कृपा दृष्टि और दूसरी तरफ विपक्षी नेताओं के खिलाफ षडयंत्र, अब यही मोदी सरकार का असली चेहरा है।”