भारतीय जनता पार्टी ने जम्मू-कश्मीर में महबूबा सरकार से समर्थन वापस लेने का फैसला लिया है। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के साथ हुई कोर ग्रुप की बैठक के बाद ये निर्णय लिया गया है। इसके बाद महबूबा मुफ्ती ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

पीडीपी के वरिष्ठ नेता नईम अख्तर ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘महबूबा मुफ्ती ने पद से इस्तीफा दे दिया है और मैंने राजभवन में राज्यपाल एन एन वोहरा को उनका इस्तीफा सौंप दिया है। ‘ यह पूछे जाने पर कि भाजपा क्यों सरकार से बाहर हो गयी तो उन्होंने कहा,’ आप सभी लोगों ने टीवी चैनलों पर देख लिया है और उनका कहना था कि हम काफी नरम हैं।’ अख्तर ने बताया कि सुश्री मुफ्ती शाम पांच बजे संवाददाता सम्मेलन संबोधित करेंगी।

mehbooba mufti

गौरतलब है कि मार्च 2015 में भाजपा और पीडीपी ने जम्मू-कश्मीर की बागडोर संभाली थी और तत्कालीन मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन के बाद भी गठबंधन जारी रहा था तथा बाद में महबूबा ने मुख्यमंत्री का पद संभाला था।

वही , कांग्रेस के बाद नेशनल कांफ्रेंस ने भी साफ कर दिया है कि जम्मू कश्मीर में पीडीपी और भाजपा का गठबंधन टूटने के बाद वह किसी भी दल के साथ सरकार नहीं बनायेगी और वह राज्य में जल्द से जल्द नये चुनाव कराने के पक्ष में है।

Omar Abdullah

नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को राज्यपाल एन एन वोहरा से मुलाकात करने के बाद संवाददाता सम्मेलन में पार्टी का रुख स्पष्ट किया।

उन्होंने कहा कि 2014 में हुए विधानसभा के चुनाव के समय उनकी पार्टी को सरकार बनाने का जनादेश नहीं मिला था और आज भी उनके पास सरकार बनाने का जनादेश नहीं है। उनकी पार्टी किसी भी दल के साथ मिलकर सरकार नहीं बनायेगी। अभी तक किसी भी दल ने उनसे संपर्क नहीं किया है और न ही वह अपनी ओर से किसी से संपर्क करेंगे।

BJP

अब्दुल्ला ने बताया कि उन्होंने राज्यपाल से कहा कि मौजूदा राजनीतिक स्थिति को देखते हुए राज्य में राज्यपाल शासन लागू किया जाए और राज्य की स्थिति सुधारी जाए। उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया कि राज्यपाल शासन कम से कम अवधि के लिए हो और राज्य में जल्द नये सिरे से चुनाव हों ताकि जनता अपना फैसला सुना सके।

भाजपा के पीडीपी से नाता तोड़ने पर उन्होंने कहा कि हमें इसमें कोई आश्चर्य नहीं हो रहा है लेकिन इसके समय को लेकर जरूर आश्चर्यचकित हूं।

इससे पहले गुलाम नबी आजाद ने कहा, जो भी हुआ वो अच्छा हुआ. इससे जम्मू कश्मीर के लोगों को राहत मिलेगी। बीजेपी ने तीन साल में जम्मू कश्मीर को बर्बाद करके रख दिया। इस दौरान सबसे ज्यादा सैनिकों और नागरिकों की जान गई।

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