प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर एक प्राकृतिक केंद्र का उद्घाटन किया और कहा कि उन्हें उम्मीद है कि भारत का यह प्राचीन शारीरिक और मानसिक व्यायाम दुनिया को एक सूत्र में बांधने वाली शक्ति बन सकता है। मोदी ने चौथे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर वीडियो लिंक के जरिए न्यूयॉर्क के कैटस्किल्स इलाके में ‘वाईओ 1 नेचर क्युर सेंटर’ का उद्घाटन किया।

भारतीय वाणिज्य दूतावास ने कहा कि वाईओ 1 न्यूयॉर्क में “बड़ा भारतीय निवेश” है और इससे न्यूयॉर्क वासियों को स्वस्थ रखने में मदद मिलेगी। मोदी ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि महज तीन वर्षों में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस अब दुनियाभर में एक जन आंदोलन बन गया है और यह कई देशों में सार्वजनिक जीवन का अहम हिस्सा बन गया है।

उन्होंने कहा , “इसका प्रभाव केवल इसी दिन तक सीमित नहीं है। यह योग से प्रेरित लाखों लोगों के लिए शुरुआत करने का अवसर बन गया है, वे इसे करने का संकल्प ले रहे हैं।” मोदी ने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के समाधान के लिए हमें आधुनिक चिकित्सा पद्धति की जरुरत है लेकिन यह भी सच है कि इसके माध्यम से सभी स्वास्थ्य समस्याओं का उपचार नहीं हो सकता। दुनियाभर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि योग और आयुर्वेद आधुनिक चिकित्सा पद्धति के पूरक के रूप में बेहतर साबित होंगे।

उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा पद्धति रोग के उपचार पर केंद्रित है बचाव अथवा रोकथाम पर नहीं। योग और आयुर्वेद जैसे पद्धतियां बीमारियों से बचाव एवं रोकथाम तथा स्वास्थ्य लाभ पर केंद्रित हैं। इन्हें अपनाने से व्यक्ति एवं समुदाय के स्वास्थ्य को बेहतर रखा जा सकता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ लोगों की यह धारणा सही नहीं है कि योग केवल शारीरिक कसरत है। वास्तव में योग मन, मस्तिष्क तथा शरीर को स्वस्थ रखने की पद्धति है जिससे व्यक्ति स्वयं को बेहतर तरीके से जान पाता है इसके साथ ही इससे सामाजिक अनुशासन और मूल्यों को स्थापित करने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा, “योग में बढ़ती रूचि मुझे उम्मीद से भर देती है। मैं उम्मीद करता हूं कि योग दुनिया को एक सूत्र में बांधे रखने की शक्ति बन सके।”

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