राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने राजधानी के गोल मार्केट इलाके के एक सरकारी स्कूल में दूसरी कक्षा की बालिका के साथ कथित दुष्कर्म मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव और पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

एचएचआरसी ने शुक्रवार को भेजे नोटिस में कहा है कि मीडिया की जो रिपोर्ट आई है यदि वह सत्य है तो यह मानवाधिकार का मामला है। इसे देखते हुए दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव और दिल्ली पुलिस आयुक्त को नोटिस भेजकर चार सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा गया है। मुख्य सचिव से आशा की जाती है कि वह इस बारे में सूचित करेंगे कि छात्रों की सुरक्षा के लिए अधिकारियों ने जो दिशानिर्देश दिए हुए हैं, क्या उसका दिल्ली के स्कूलों में पालन किया जा रहा है।

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आयोग ने कहा है कि यह घटना सरकारी स्कूल में हुई है। छात्र के कस्टोडियन के रूप में स्कूल प्रशासन छात्रों की सुरक्षा और संरक्षा के लिए जिम्मेदार है। प्रथम दृष्टया यह स्कूल प्रशासन की लापरवाही का मामला नजर आ रहा है। आयोग का यह भी मानना है कि दिल्ली में मानवाधिकार के ऐसे उल्लघंन के मामलों से निपटने के लिए राज्य मानवाधिकार आयोग होना चाहिए। जब तक दिल्ली में इसका गठन नहीं हो जाता है, वह राष्ट्रीय राजधानी से जुड़ ऐसे मामलों को लगातार देखता रहेगा।

पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि बताया कि यहां के मंदिर मार्ग इलाके में एन पी बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में बुधवार को दूसरी कक्षा की छात्रा के साथ दुष्कर्म किया गया। आरोपी इलेक्ट्रिशियन ने स्कूल में वाटर पंप हाउस के पास इस घटना को अंजाम दिया है। आरोपी इलेक्ट्रिशियन की पहचान राम आसरे (37) के रूप में हुई है। उसे गिरफ्तार करके मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया है।

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सूत्रों ने बताया कि इलेक्ट्रिशियन ने बालिका को मुंह दबाकर ले गया और वारदात को अंजाम दिया। उसने किसी को नहीं बताने के लिए बालिका को धमकी भी दी है।

यह स्कूल उत्तरी दिल्ली निगम परिषद (एनडीएमसी) के अंतर्गत आता है। बालिका के अभिभावकों की ओर से पुलिस में शिकायत किये जाने के बाद यह मामला गुरुवार को सामने आया है।

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाती मालिवाल ने इस घटना को बेहद शर्मनाक बताते हुए दोषी को जल्द से जल्द फांसी की सजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में छह महीने के अंदर दोषी को फांसी की सजा दी जानी चाहिए।

श्रीमती मालिवाल ने कहा कि इस घटना को लेकर दिल्ली पुलिस तथा स्कूल प्रशासन को नोटिस जारी किया गया है और उनसे विस्तृत जानकारी मांगी गयी है।