नई दिल्ली :  उच्चतम न्यायालय ने उद्योगपति विजय माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने के लिए मुंबई की एक अदालत में चल रही कार्यवाही को चुनौती देने वाली उसकी याचिका पर शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को नोटिस जारी किया। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति एस के कौल की पीठ ने याचिका पर जांच एजेंसी से जवाब मांगा। धन शोधन रोकथाम कानून के तहत विशेष अदालत में चल रही सुनवाई के खिलाफ याचिका दाखिल की गयी है।

ईडी ने विशेष अदालत से लंदन में रह रहे उद्योगपति माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 के तहत भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने की मांग की थी। माल्या की याचिका पर शीर्ष अदालत ने नोटिस जारी किया लेकिन मुंबई की विशेष अदालत में चल रही कार्यवाही पर रोक लगाने से मना कर दिया। बंबई उच्च न्यायालय ने हाल ही में माल्या की अपील खारिज कर दी थी जिसके बाद माल्या ने उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ याचिका दाखिल की थी।

पैसा लौटाने को तैयार माल्या, कहा – बैंकों का भुगतान करना चाहता हूं

भारतीय बैंकों से कर्ज लेकर देश छोड़कर भागने वाले भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या ने बैंक का कर्जा चुकाने के लिए तैयार है। माल्या ने ट्वीट कर कहा कि वह बैंकों का 100 प्रतिशत मूलधन (सिर्फ कर्ज की रकम, ब्याज नहीं) चुकाने को तैयार है। बुधवार को उसने ट्वीट कर कहा कि भारत में मीडिया और नेता उसके खिलाफ जोर-जोर से चिल्ला रहे हैं, लेकिन उसने जो कर्नाटक हाई कोर्ट के सामने लोन चुकाने का प्रस्ताव दिया, उसकी कोई बात नहीं करता। माल्या ने कहा कि वह अब भी पूरा लोन चुकाने को तैयार है, सारे बैंक स्वीकार करें।

बता दें कि माल्या पर करीब 9000 करोड़ रुपये का बैंक कर्ज है। विजय माल्या ने ट्वीट कर कहा कि ‘पिछले तीन दशकों तक सबसे बड़े शराब समूह किंगफिशर ने भारत में कारोबार किया है। इस दौरान कई राज्‍यों की मदद भी की है। किंगफिशर एयरलाइंस भी सरकार को भरपूर भुगतान कर रही थी। लेकिन शानदार किंगफिशर एयरलाइंस का दुखद अंत हुआ, मगर फिर भी मैं बैंकों भुगतान करना चाहता हूं जिससे उन्‍हें कोई घाटा न हो। कृपया इस ऑफर को स्‍वीकार करें।

विजय माल्या ने तीन ट्वीट किये। उन्होंने एक अन्य ट्वीट में विजय माल्य़ा ने कहा कि राजनेता और मीडिया लगातार चिल्लाकर मुझे पीएसयू बैंकों का पैसा उड़ा लेने वाला डिफॉल्‍टर घोषित कर रहे हैं। मगर यह सब झूठ है। मेरे साथ हमेशा से ही पक्षपात किया गया है, मेरे साथ उचित व्यवहार क्यों नहीं किया जाता है? मैंने कर्नाटक हाईकोर्ट में व्यापक निपटान का प्रस्ताव दिया था, इसे सबने अनसुना कर दिया। बेहद दुखद।

प्रत्यर्पण का मुकदमा झेल रहे माल्या ने कहा कि अपनी किंगफिशर एयरलाइंस के घाटे में जाने का ठीकरा ईंधन के दाम में भारी वृद्धि पर फोड़ा। उसने कहा, ‘किंगफिशर एयरलाइंस को जिस वित्तीय संकट का सामना करना पड़ा, उसका मुख्य रूप से एटीएफ की ऊंची कीमतें हैं। किंगफिशर के एक शानदार एयरलाइन थी, लेकिन तब क्रूड ऑइल की कीमत 140 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई थी। इससे कंपनी का घाटा बढ़ा और साथ-साथ बैंकों का कर्ज भी। मैंने उन्हें पूरा मूलधन लौटाने का ऑफर दिया है। कृपया ले लें।’