ऑल इंडिया मजलिस-ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने रमजान में चुनाव तारीखों को लेकर अपना बयान दिया है। ओवैसी ने पूरे विवाद को अनावश्यक बताया है। ओवैसी ने कहा, ‘चुनाव एक लंबी प्रक्रिया है। एक मुस्लिम होने के नाते मैं रमजान में चुनाव का स्वागत करता हूं। इस महीने में मुसलमान ज्यादा जज्बे के साथ काम करते हैं।

‘चुनाव आयोग ने कल (10 मार्च) तारीखों का ऐलान करते हुए कहा था कि सभी पर्व-त्योहारों का इसमें ध्यान रखा गया है। ओवैसी ने इसका समर्थन करते हुए कहा कि रमजान के पहले या बाद में चुनाव की उम्मीद करना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि कृपया मुस्लिम समुदाय और रमजान का इस्तेमाल न करें।

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उन्होंने आगे कहा कि रमजान में मुस्लिम रोजा रखते हैं और वे बाहर जाते हैं और सामान्य जीवन जीते हैं। ओवैसी ने कहा कि वे कार्यालय जाते हैं, यहां तक कि गरीब से गरीब व्यक्ति भी रोजा रखता है। मेरा विश्लेषण यह है कि इस महीने (रमजान) में मतदान प्रतिशत बढ़ेगा क्योंकि व्यक्ति सभी सांसारिक कर्तव्यों से मुक्त होगा।

मौलानाओं ने की रमजान में पड़ रही चुनाव तिथियों में फेरबदल की मांग

गौरतलब है की चुनाव आयोग ने रविवार को 17वीं लोकसभा के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी। इस बार सात चरणों में आम चुनाव कराए जाएंगे। 11 अप्रैल से शुरू होकर 19 मई तक चलेंगे और नतीजों की घोषणा 23 मई को होगी।