नई दिल्ली : पाकिस्तान से संचालित हो रहे आतंकी शिविरों पर कार्रवाई और बाद की घटनाओं के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि देश राफेल की कमी महसूस कर रहा है और अगर भारत के पास ये लड़ाकू विमान होते तो कुछ और ही बात होती। उन्होंने कहा, ‘‘ राफेल पर स्वार्थनीति और अब राजनीति के कारण देश का बहुत नुकसान हुआ। राफेल की कमी आज देश ने महसूस की है।
आज हिंदुस्तान एक स्वर में कह रहा है कि अगर हमारे पास राफेल होता, तो क्या होता?’’ मोदी ने कहा कि वह विपक्षियों को बताना चाहते हैं कि वे उनकी आलोचना करने और उनकी गलतियां निकालने के लिए स्वतंत्र हैं पर उन्हें देश के सुरक्षा हितों को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिये। गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी राफेल सौदे को लेकर मोदी पर हमला बोलते रहे हैं। उनका आरोप है कि इस सौदे में भ्रष्टाचार और अपनी पसंद का ही ध्यान रखा गया। सरकार इन आरोपों से इंकार करती रही है।
शांति, सुरक्षा के लिए बना हुआ आतंकवाद का गंभीर खतरा
उन्होंने कहा कहा कि आतंकवाद क्षेत्र की सुरक्षा और शांति के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है। उन्होंने आतंकवाद के हर स्वरूप को खत्म करने के लिए ‘‘संबंधित पक्षों’’ द्वारा तुरंत कार्रवाई करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने यह बात कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमाद बिन खलीफा अल थानी के साथ टेलीफोन पर हुई बातचीत के दौरान कही। कतर के अमीर ने मोदी को फोन किया था। प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी बयान के मुताबिक मोदी ने कहा कि भारत कतर के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करना चाहता है जो इसका करीबी मित्र है। दोनों नेताओं ने क्षेत्र की स्थिति पर चर्चा की।


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