हाल ही में सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत, विदेश सचिव विजय गोखले और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल इस महीने के शुरुआत में चुपचाप भूटान के दौरे पर गए जहां उन्होंने भूटान के नेतृत्व के साथ डोकलाम में हालात तथा इस पठार के आसपास चीन द्वारा रक्षा अवसंरचना का निर्माण किए जाने सहित प्रमुख रणनीतिक मुद्दों पर गहन चर्चा की।

सूत्रों का कहना है कि ये दौरा 6 और 7 फरवरी को हुआ था, इस दौरे के बारे में वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि भारतीय अधिकारियों और भूटान सरकार के बीच बैठकों से सकारात्मक परिणाम निकले हैं। इस बात पर भी विचार हुआ कि दोनों देशों के बीच रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग को और अधिक मजबूत कैसे किया जाए। भारत और चीन के बीच चल रहे डोकलाम विवाद के कारण इस दौरे को गोपनीय रखा गया था।

भारत और भूटान दोनों ही इस दौरे को गोपनीय रखने के पक्ष में थे। बताया जा रहा है कि इस दौरे से तीन दिन पहले ही पीएम मोदी ने सेरिंग तोबगे के साथ गुवाहाटी में एक निवेश सम्मेलन से अलग बातचीत की थी। सूत्रों से पता चला है कि भूटानी पक्ष ने भूटान और चीन के बीच सीमा वार्ताओं की स्थिति के बारे में भारतीय पक्ष को अवगत कराया। भूटान का कहना है कि वो शांति चाहता है। चीन और भूटान इलाके में विवाद के समाधान के लिए बातचीत कर रहे हैं।

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