कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज पिछले महीने जम्मू-कश्मीर में अलग-अलग घटनाओं में मारे गये सैन्यकर्मियों के शोकसंतप्त परिजनों से भेंट की और उन्हें ढाढस बंधाया। उत्तराखंड में पहले चरण में 11 अप्रैल को होने वाले चुनाव से पहले यहां एक जनसभा को संबोधित करने के तुरंत बाद गांधी दिवंगत मेजर चित्रेश बिष्ट के नेहरू कालोनी स्थित आवास पर पहुंचे और उनके पिता से मिलकर दुख प्रकट किया। गांधी के साथ मौके पर मौजूद रहे प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सूर्यकांत धस्माना ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष से मिलकर दिवंगत मेजर बिष्ट के पिता अपने आंसू नहीं रोक पाये।

जम्मू—कश्मीर के नौशेरा सेक्टर में एक बम को डिफ्यूज करते समय मेजर बिष्ट शहीद हो गए थे। वहां से गांधी शहर के कांवली रोड स्थित मोहन लाल रतूडी के घर पहुंचे और उनके परिजनों से मिले।

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल :सीआरपीएफ: में अतिरिक्त सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनात रतूडी पुलवामा आतंकी हमले का शिकार हुए थे। बाद में गांधी पुलवामा हमले के बाद आतंकवादियों से हुई मुठभेड में मारे गये मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल के डंगवाल रोड स्थित घर पहुचे । दिवंगत मेजर की पत्नी हांलांकि, घर में मौजूद नहीं थीं लेकिन उनके परिवार के अन्य सदस्यों से मिलकर गांधी ने अपनी संवेदनायें प्रकट कीं। शहीदों के परिजनों से गांधी ने कहा कि वे उनके दुख को अच्छी तरह से समझ सकते हैं क्योंकि उन्होंने भी इसी तरह की घटनाओं में अपनी दादी और पिता को खोया है।