हाल ही में किए गए दो सर्वेक्षणों पर यदि यकीन किया जाए तो राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सत्ता से भाजपा को बेदखल कर सकती है। अगर ऐसा हुआ तो राज्य में करीब दो दशकों से जारी सत्ताधारी दल की विधानसभा चुनाव में पराजय की परंपरा बरकरार रह सकती है।

एबीपी न्यूज-सी.वोटर तथा सी फोर के सर्वे में, राज्य विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का वोट शेयर लगभग 50 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया है। सर्वेक्षण के अनुसार, 200 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 142 सीटें जीतने की उम्मीद है जबकि भाजपा के खाते में 124 से 138 सीटें जाएंगी।

मुख्यमंत्री पद के लिये 36 फीसदी मतदाताओं की पसंद के साथ, कांग्रेस की राजस्थान इकाई के अध्यक्ष सचिन पायलट सबसे आगे हैं। वसुंधरा राजे 27 फीसदी मतदाताओं की पसंद हैं जबकि कांग्रेस नेता अशोक गहलोत को 24 फीसदी मतदाता मुख्यमंत्री के तौर पर देखना चाहते हैं।

मिजोरम विधानसभा चुनाव में Congress को मिल रही है कड़ी चुनौती

इस सर्वेक्षण के मुताबिक, राजस्थान में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को कड़ी सत्ता विरोधी लहर का सामना करना होगा। सी फोर के सर्वे में पायलट को 32 फीसदी मतदाताओं की पसंद बताया गया है जबकि गहलोत 27 फीसदी और राजे 23 फीसदी मतदाताओं की पसंद हैं।

चुनाव से पहले किया गया सी फोर सर्वे जहां राजस्थान तक ही सीमित है वहीं एबीपी न्यूज-सी वोटर के ओपीनियन पोल में भाजपा शासित मध्यप्रदेश तथा छत्तीसगढ़ राज्यों के नतीजों का पूर्वानुमान जाहिर किया गया है।

एबीपी न्यूज-सी वोटर के सर्वेक्षण के मुताबिक, कांग्रेस 15 सालों के अंतराल के बाद मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में सत्ता में लौट सकती है।
सर्वेक्षण में हालांकि यह भी कहा गया कि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में वोटों के मामूली स्विंग से दोनों प्रमुख पार्टियों के लिये बाजी पलट सकती है क्योंकि उनके अनुमानित मत प्रतिशत में अंतर बेहद कम है।

मध्य प्रदेश में 230 सदस्यीय विधानसभा में सर्वेक्षण में कांग्रेस को 122 सीटें मिलने का अनुमान व्यक्त किया गया है जबकि 90 सदस्यों वाली छत्तीसगढ़ विधानसभा में उसके खाते में 47 सीटें जाने का अनुमान है। वहीं मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भाजपा को सर्वे के मुताबिक क्रमश: 108 और 40 सीटें मिलने की उम्मीद है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कल भरोसा जताया था कि वह आगामी विधानसभा चुनावों में ‘‘रिकॉर्ड जीत’’ दर्ज करेगी और मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ तथा राजस्थान में अपनी सत्ता बरकरार रखेगी।

भाजपा के वरिष्ठ नेता और कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि अपने काम और विकास तथा तीन राज्यों में उसकी सरकारों के प्रदर्शन के आधार पर भगवा दल रिकॉर्ड जीत सुनिश्चित करेगा।

सर्वे के अनुसार, सत्ता विरोधी लहर के बावजूद मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह अब भी इस पद के लिये मतदाताओं की पहली पसंद हैं।

कांग्रेस और भाजपा को मध्य प्रदेश में क्रमश: 42.2 फीसदी और 41.5 फीसदी मत मिलने की उम्मीद है जबकि छत्तीसगढ़ में उनका मत प्रतिशत क्रमश: 38.9 और 38.2 फीसदी है।

राजस्थान में हालांकि कांग्रेस और भाजपा के मत प्रतिशत में बड़ा अंतर नजर आ रहा है जहां मौजूदा विपक्षी दल को 49.9 प्रतिशत वोट मिलने की उम्मीद है जबकि भाजपा के खाते में महज 34.3 फीसदी वोट मिलने की उम्मीद है।

भाजपा ने 2013 में मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में क्रमश: 165 सीटें, 142 सीटें और 49 सीटें जीती थीं जबकि कांग्रेस को यहां क्रमश: 58 सीटें, 21 सीटें और 39 सीटें मिली थीं।

सी फोर के सर्वे में राजस्थान में 5,788 मतदाताओं से बात की गई जबकि एबीपी न्यूज-सी वोटर के ओपीनियन पोल में तीनों राज्यों के 26,196 मतदाताओं की राय ली गई।

चुनाव आयोग ने कल छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, मिजोरम और तेलंगाना विधानसभा चुनाव के लिये तारीखों का ऐलान किया था।
छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव दो चरणों में, 12 नवंबर तथा 20 नवंबर को होंगे। मध्यप्रदेश तथा मिजोरम में विधानसभा चुनाव 28 नवंबर को होंगे।

राजस्थान तथा तेलंगाना में विधानसभा चुनाव सात दिसंबर को होंगे। पांचों राज्यों में मतगणना 11 दिसंबर को होगी।