बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य में भाजपा समेत राजग के घटक दलों के बीच सीट साझा करने का फॉर्मूला चार से पांच सप्ताह के भीतर आ सकता है। लोकसंवाद के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के साथ गत 12 जुलाई को हुई मुलाकात के बारे में पूछे जाने पर नीतीश कुमार ने कहा कि हमने नाश्ते और रात के खाने पर कई चीजों पर बात की थी। इस दौरान बिहार से जुड़े मुद्दे भी थे।

 नीतीश ने कहा कि अगर प्रश्न लोकसभा चुनाव को लेकर है तो उसके बारे में प्रस्ताव जल्द ही आएगा। यह पूछे जाने पर कि प्रस्ताव आने में कितना समय लगेगा नीतीश ने कहा कि सबकुछ एकाध महीने के भीतर होगा। तीन-चार सप्ताह में बाकी सारी बातें होंगी।

 बिहार में कुल 40 लोकसभा सीटें

उल्लेखनीय है कि बिहार में राजग में शामिल दलों में जदयू और भाजपा के अलावा केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान की पार्टी लोजपा और उपेंद्र कुशवाह का दल रालोसपा जैसी छोटी पार्टियां भी शामिल हैं। बिहार में कुल 40 लोकसभा सीटें हैं।

बता दें कि वर्ष 2014 का लोकसभा चुनाव भाजपा, लोजपा और रालोसपा ने साथ मिलकर लड़ा था जिनमें भाजपा 22 सीटों पर लोजपा छह सीटों और रालोसपा तीन सीटों पर विजयी रही थीं।

पिछले लोकसभा चुनाव में अकेले दम पर लड़ी जदयू मात्र दो ही सीट पर विजयी रही थी और इस चुनाव में करारी हार मिलने के बाद उसने महागठबंधन में शामिल राजद और कांग्रेस के साथ मिलकर 2015 का बिहार विधानसभा चुनाव लड़ा था और भारी सफलता हासिल की थी।

राहुल की कथित ‘मुस्लिम पार्टी’ की टिप्पणी पर बोले नीतीश

नीतीश कुमार ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की कथित ‘मुस्लिम पार्टी’ की टिप्पणी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत भाजपा के कई अन्य नेताओं की कड़ी प्रतिक्रियाओं सहित अन्य राजनीतिक प्रश्नों पर कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने बस इतना कहा कि दूसरे दलों में लोग क्या कहते हैं इस पर वह टिप्पणी नहीं कर सकते।