शिवसेना का PM पर तंज, कहा- किसानों की आय तो नहीं,पर आत्महत्याएं जरूर दोगुनी हुई है


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शिवसेना ने अपने मुख पत्र सामना के जरिए किसानों के मुद्दे को लेकर मोदी सरकार पर एक बार फिर निशाना साधा है। शिवसेना ने संपादकीय में लिखा है कि बीजेपी सरकार सिर्फ जुमलों की सरकार है और ये 2019 में खत्म हो जाएगी। साथ ही मोदी सरकार पर आरोप लगाया है कि उन्होंने किसानों के लिए कुछ भी नहीं किया है।

पीएम मोदी पर तंज कसते हुए शिवसेना ने कहा कि किसानों की आय तो दोगुनी नहीं हुईं, लेकिन आत्महत्याएं जरूर दोगुनी हुईं हैं। शिवसेना ने दावा किया है कि साल 2014 के बाद से देश में अबतक करीब 40 हजार किसानों ने आत्महत्या की हैं। सामना में कहा गया है कि सबसे ज्यादा किसानों ने आत्महत्या महाराष्ट्र में की हैं। किसानों की आत्महत्याओं का ग्राफ क्यों बढ़ रहा है? इसका विचार न करते हुए मोदी सरकार बार-बार वही जुमले दोहरा रही हैं।

शिवसेना ने कहा है कि जुमलों के इस जुल्म का विस्फोट साल 2019 के चुनावों में होगा। शिवसेना ने आगे कहा, ‘क्या जो गरजेगा वो बरसेगा? मराठी में ऐसी एक कहावत है। महाराष्ट्र हिंदी में इसी संदर्भ मे जो गरजते है वो बरसते नहीं, इस तरह की कहावत इस्तेमाल की जाती है। मौजूदा सत्ताधरियों पर यह कहावत सटीक लागू होती है। असीमित घोषणाएं औऱ उसी जुमलेबाजी से अब देश की जनता परेशान हो चुकी है। इसके बावजूद सत्ताधारी होश में आने को तैयार नहीं हैं।’

संपादकीय में लिखा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को देश भर के किसानों से सवाद स्थापित किया। देश के 600 से अधिक जिलों के किसान प्रधानमंत्री का भाषण सुन रहे थे। इसके अलावा सीधे प्रसारण से भी पीएम मोदी ने करोड़ों किसानों को आश्वासन दिया। कम से कम कोई नया जुमला तो सुनने को मिलेगा, इस उम्मीद में किसान टीवी के सामने बैठे थे। लेकिन उन्हें निराशा हुई।

शिवसेना ने आगे कहा, “साल 2022 तक किसानों की आमदनी दुगना करेंगे, ऐसी गर्जना पीएम मोदी ने किसानों को संबोधित करते हुए की थी। इसमें नया क्या है? 2014 के चुनावी घोषणा पत्र में भी भाजपा ने किसानों को यह आश्वासन दिया था। इसी आश्वासन पर विश्वास रखकर किसानों ने काग्रेस को सत्ता से बाहर किया और बीजेपी के सांसदों की संख्या दुगनी कर उन्हें सत्ता में लाए। लेकिन देश का किसान और उसकी खेती कोमा में चली गई। यह सच्चाई है।”

शिवसेना ने यह भी कहा है कि किसानों को मिले आश्वासन को अब 4 साल पूरे हो चुके हैं। हकीकत में खेती और किसान जहां था, वहीं उसी तरह है। इतना ही नहीं बल्कि पहले की अपेक्षा इस शासन में उनकी स्थिति और भी विकट हो गई है। जो घोषणा करके सरकार सत्ता में आई थी, उस आश्वासन को पूरा करने के लिए सरकार ने कुछ नहीं किया।

शिवसेना ने कहा कि किसानों की फसल की उपज दोगुनी करने के लिए सरकार ने पिछले 4 सालें में क्या किया? किसानों की जिंदगी में सचमुच अच्छे दिन आए है क्या? इसका जवाब प्रधानमंत्री को देना चाहिए था, लेकिन किसानों की उपज दुगनी करेंगे, इस तरह के पुराने आश्वासनओं की पुरानी कैसेट बजाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुक्त हो गए हैं।

बता दें कि पीएम मोदी ने बुधवार को नमो एप के जरिए देश के अलग-अलग राज्यों से किसानों से बातचीत की थी। प्रधानमंत्री ने इस संवाद के दौरान कम जमीन में आमदनी दोगुनी के फॉर्मुले और तकनीक के बारे में किसानों को बताया था। मोदी ने कहा था कि ये सरकार किसानों के लिए पूरी तरह से समर्पित है। हमने तय किया है कि 2022 तक देश के किसानों की आय दोगुनी का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ना है, किसानों को साथ लेकर आगे चलना।

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