सुप्रीम कोर्ट की कोलेजियम ने उत्तराखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ को शीर्ष अदालत का न्यायाधीश बनाने की सिफारिश करने के अपने फैसले को दोहराया है।

प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा , की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय कोलेजियम ने कहा कि जैसा कि कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने अपने पत्रों में जिक्र किया है , न्यायमूर्ति जोसेफ की उपयुक्तता के बारे में ऐसा कुछ भी नहीं है।

कोलेजियम की यह बैठक 16 जुलाई को हुयी थी और इसमें पारित प्रस्ताव आज न्यायालय की वेबसाइट पर अपलोड किया गया। इसमें कहा गया है कि जोसेफ की सिफारिश लौटाते समय प्रसाद द्वारा लिखे गये दो पत्रों पर ‘‘ सावधानीपूर्वक विचार ’’ किया गया है।

प्रधान न्यायाधीश के अलावा न्यायमूर्ति रंजन गोगोई , न्यायमूर्ति मदन बी लोकूर , न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ और न्यायमूर्ति ए के सिकरी कोलेजियम के सदस्य हैं।

न्यायमूर्ति जे चेलामेश्वर के 22 जून को सेवानिवृत्त होने के बाद न्यायमूर्ति सिकरी कोलेजियम के नये सदस्य बने हैं।  प्रस्ताव में कहा गया है , ‘‘ हमने प्रधान न्यायाधीश को न्यायमूर्ति जोसेफ को पदोन्नति देकर शीर्ष अदालत का न्यायाधीश नियुक्त करने के बारे में दस जनवरी की सिफारिश को पुन : विचार के लिये वापस भेजते समय कानून मंत्री द्वारा 26 अप्रैल और 30 अप्रैल , 2018 के अपने पत्रों में की गयी टिप्पणियों पर सावधानीपूर्वक विचार किया है।

कोलेजियम ने इन दो पत्रों में उल्लिखित सभी पहलुओं पर विचार करके इस सिफारिश को दोहराने का प्रस्ताव किया है , विशेषकर जब न्यायमूर्ति के एम जोसेफ की उपयुक्तता के बारे में इन पत्रों में कुछ भी प्रतिकूल होने का जिक्र नहीं है।