द्रमुक ने लोकसभा में नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान ना करने के लिए अपने धुर विरोधी अन्नाद्रमुक को ‘रीढ़विहीन’ बताया और आरोप लगाया कि उसने कई मतभेद होने के बावजूद ‘‘एक दूसरे को लाभ पहुंचाने’’ की नीति के तहत राजग का समर्थन किया।

द्रमुक के कार्यकारी अध्यक्ष एम के स्टालिन ने कहा कि तमिलनाडु के सत्तारूढ़ दल का अविश्वास प्रस्ताव का विरोध करने से पता चलता है कि उसके और भाजपा के बीच ‘‘अंदर ही अंदर एक गठबंधन’’ है।

द्रमुक के कार्यकारी अध्यक्ष एम के स्टालिन ने अन्नाद्रमुक से संसद में विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करने की अपील की थी।
द्रमुक का लोकसभा में कोई सांसद नहीं है वहीं अन्नाद्रमुक के सदन में 37 सांसद हैं। संसद में वह सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी पार्टी कांग्रेस के बाद तीसरी सबसे बड़ी पार्टी है।

स्टालिन ने कल रात ट्वीट करते हुए कहा, ‘‘नीट, 15वें वित्त आयोग, जीएसटी, हिंदी थोपने और सांप्रदायिक राजनीति के बावजूद अविश्वास प्रस्ताव पर मोदी सरकार का समर्थन अन्नाद्रमुक और भाजपा के बीच साठगांठ का सबूत है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा सरकार लोकतंत्र, सामाजिक न्याय एवं क्षेत्रीय स्वायत्ता के मुद्दे के खिलाफ काम कर रही है और मुख्यमंत्री (के पलानीस्वामी) तथा अन्नाद्रमुक के सांसद रीढ़विहीन थे कि उन्होंने उनका विरोध नहीं किया।’’ मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव कल 126 के मुकाबले 325 मतों से गिर गया था।