खगोलशास्त्र शास्त्र के अनुसार चंद्र ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा और सूर्य के बीच में पृथ्वी आ जाए। साथ ही ऐसी स्थिति में भी चंद्र ग्रहण माना जाता है जब पृथ्वी की छाया से चंद्रमा पूरी तरह या आंशिक रूप से ढक जाती है। इस स्थिति में पृथ्वी सूर्य की किरणों को चंद्रमा तक नहीं पहुंचने देती है। इस वजह से पृथ्वी के उस हिस्से में चंद्र ग्रहण नजर आता है।

साल 2018 का पहला चंद्र ग्रहण 31 जनवरी (बुधवार) को लगेगा। यह चंद्र ग्रहण माघ मास की पूर्णिमा यानि कल पूरे भारत में दिखाई देगा। ऐसा माना जा रहा है कि इस दिन चाँद तीन रंगों में दिखाई देगा। ऐसा 35 साल बाद हो रहा है जब चाँद तीन रंगों में दिखाई देगा।

भारतीय मानक समयानुसार यह चंद्र ग्रहण शाम 5 बजकर 18 मिनट से शुरू होगा। मोक्ष काल रात 8 बजकर 41 मिनट पर होगा। इस चंद्र ग्रहण का समय कुल मिलाकर 3 घंटे 23 मिनट रहेगा। इस चंद्र ग्रहण का स्पर्श पुष्य नक्षत्र में होगा। इस संयोग 176 साल बाद बन रहा है।

यह चंद्र ग्रहण पुष्य और अस्लेषा दोनों नक्षत्र के जातकों को प्रभावित करेगा। इस चंद्र ग्रहण का सूतक काल ग्रहण लगने से 9 घंटे पूर्व ही शुरू हो रहा है। इसलिए इस दौरान मंदिर में प्रवेश करना, मूर्ति को स्पर्श करना, भोजन करना, मैथुन क्रिया आदि करना वर्जित माना गया है।

चंद्र ग्रहण का समय

ज्योतिष की गणना के मुताबित यह चंद्र ग्रहण पृथ्वी चंद्र ग्रहण के प्रभाव वाले क्षेत्र में 04 बजकर 22 मिनट में दाखिल होगी। इस समय पृथ्वी पर आंशिक चंद्र का प्रभाव पड़ेगा। पूर्ण रूप से आंशिक चंद्र ग्रहण शाम 5 बजकर 18 मिनट से शुरू होगा। साथ ही पूर्ण चंद्र ग्रहण शाम 6 बजकर 22 मिनट से लेकर 7 बजकर 38 मिनट तक रहेगा। फिर आंशिक चंद्र ग्रहण 6 बजकर 22 मिनट से लेकर 7 बजकर 38 मिनट तक रहेगा। आंशिक चंद्र ग्रहण की समाप्ति 8 बजकर 41 मिनट पर होगा। इस चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा पृथ्वी की छाया से रात्रि 9 बजकर 38 मिनट पर बाहर निकलेगा।

चंद्रमा के उदय का समय

कोलकाता में 5:17 बजे

दिल्ली में 6:04 बजे

चेन्नई में 6:04 बजे

मुंबई में 6:26 बजे

चंद्र ग्रहण वाले दिन ध्यान रखना चाहिए ये बातें

सूतक के समय और ग्रहण के समय भगवान की मूर्ति का स्पर्श नहीं करना चाहिए। इस दिन भगवान के नाम का जाप करते हुए दान करना चाहिए। पवित्र नदी में स्नान, हवन आदि कर्म करने से पुराने पाप नष्ट होते हैं और किस्मत का साथ मिल सकता है।

राशि अनुसार चंद्र ग्रहण के उपाय

1. मेष- मेष राशि के लोगों को परेशानियों से बचने के लिए मंगल से संबंधित वस्तु जैसे गुड़ और मसूर की दाल का दान करना चाहिए।

 


2. वृषभ- वृष राशि के लोग मानसिक तनाव को दूर करने के लिए इस दिन श्री सूक्त का पाठ करें और मंदिर में अन्न दान करें।

 


 

3. मिथुन- मिथुन राशि के लोग बीमारियों को और गरीबी को दूर करने के लिए गाय को पालक या हरी घास खिलाएं, किसी गौशाला में धन का दान करें।

 


4. कर्क- जिन लोगों की राशि कर्क है, उन्हें इस दिन सूतक से पहले शिवजी की विशेष पूजा करनी चाहिए। ऊँ सों सोमाय नम: मंत्र का जाप करना चाहिए।

 


5. सिंह- इस राशि के लोगों को क्रोध जल्दी आता है। इन्हें क्रोध पर काबू पाने के लिए इस दिन गायत्री मंत्र का जाप 108 बार करना चाहिए। दान करें।

 


6. कन्या- धन संबंधी कामों की परेशानियों को दूर करने के लिए किसी किन्नर को हरी चूड़ियां दान करें। गाय को पालक खिलाएं।

 


 

7. तुला- चंद्र ग्रहण वाले दिन सूतक से पहले श्री सूक्त का पाठ करें। अन्न का दान करें।

 

 


8. वृश्चिक-मानसिक तनाव दूर करने के लिए हनुमानजी के सामने घी का दीपक जलाएं और हनुमान चालीसा का पाठ करें।

 


 

9. धनु- पैसों से जुड़ी परेशानियों को दूर करने के लिए श्री विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ करें। गाय फल खिलाएं।

 


 

10. मकर- जिन लोगों की राशि मकर है, उन्हें बीमारियों से बचने के लिए सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए। काले तिल का दान करें।

 


 

11. कुंभ- चंद्र ग्रहण वाले दिन सूतक से पहले हनुमान चालीसा का पाठ करें। काली उड़द का दान करें।

 


 

12. मीन-इस राशि के लोग सूतक से पहले भगवान विष्णु की पूजा करें और गरीबों को केले बाटें।

 

 

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