प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनआरसी समेत कई मुद्दों पर अपनी बात खुलकर रखी है। साथ ही विपक्ष पर करारा हमला बोला है। उन्होंने संसद में राहुल गांधी के इशारे पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष अपना इशारा देखकर खुद तय करें कि उनकी हरकत कैसी थी?

इस दौरान उन्होंने विपक्षी एकता पर भी चुटकी ली। शनिवार को समाचार एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में पीएम मोदी कहा कि विपक्ष का महागठबंधन विकास का नहीं, बल्कि विरासत का महागठबंधन हैं। अब देखना यह है कि यह महागठबंधन चुनाव के पहले टूटता है या फिर चुनाव के बाद।

इस दरम्यान पीएम मोदी ने एनडीए के सहयोगी दलों के नाखुश होने की खबरों को सिरे से खारिज किया।उन्होंने कहा कि एनडीए के सहयोगी दल एकजुट हैं।अविश्वास प्रस्ताव और राज्यसभा उपसभापति चुनाव में जीत इसका सबूत हैं। उन्होंने कहा कि हमको एनडीए से बाहर के दलों का भी समर्थन मिला हुआ है।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने जीएसटी पर भी लोगों को भड़काने की कोशिश की जा रही है, लेकिन इसके बावजूद लोगों ने उनको नकार दिया है। एनसीआर पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान पर उन्होंने कहा कि जिन लोगों का खुद के ऊपर से विश्वास खत्म हो गया है, उन लोगों को जन समर्थन खोने का डर सता रहा है। ऐसे लोग गृहयुद्ध, खूनखराबा और देश के टुकड़े-टुकड़े जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं। भरोसा खोने वालों को अब देश की संस्थाओं पर भी भरोसा नहीं नहीं हो रहा है।

पीएम मोदी ने कहा कि गृहयुद्ध और खूनखराबा की बात करने वालों को देश के नब्ज की समझ नहीं है। पीएम मोदी ने कहा, ‘मैं लोगों को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि किसी भी नागरिक को अपना वतन नहीं छोड़ना पड़ेगा। एक प्रक्रिया के तहत ऐसे लोगों को मौका दिया जाएगा।’

इस दौरान पीएम मोदी ने महिलाओं के खिलाफ अपराध और लिंचिंग की घटनाओं को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, ‘ऐसी कोई भी घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। समाज में शांति और एकता सुनिश्चित करने के लिए हर किसी को राजनीति से उठकर आगे आना चाहिए। मैं और मेरी पार्टी ऐसी घटनाओं का कड़ा विरोध करते हैं।’

आरक्षण के मुद्दे से जु़ड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि इसको लेकर कोई दूसरा विचार नहीं है। आरक्षण जारी रहेगा। इसमें कोई संदेह नहीं है। राहुल गांधी से खुद की तुलना करने पर पीएम मोदी ने कहा, ‘मैं कामदार हूं और नामदार से खुद की तुलना नहीं कर सकता हूं।’