साल 2018 का अंतिम सूर्यग्रहण 11 अगस्त को पड़ने जा रहा है। आपको बता दे कि इससे पहले 2 सूर्य ग्रहण 13 जुलाई 2018 और 15 फरवरी 2018 को पड़ चुका है। खास बात ये है कि यह भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका खास असर भारत में नहीं लेगा। यह 11 अगस्त को उत्तरी गोलार्ध में सुबह के शुरुआती समय में दिखाई देगा।

इस ग्रहण को उत्तरी अमेरिका, उत्तरी- पश्चिमी एशिया, दक्षिण कोरिया, मास्को, चीन आदि देशों में देखा जाएगा। इस बार का सूर्य ग्रहण साइबेरिया में अच्छे से दिखाई देगा। यहां 65 % लोग सूर्य ग्रहण 2018 देख पाएंगे।

Solar Eclipse

सूर्यग्रहण का समय
वैज्ञानिकों के अनुसार , सूर्य ग्रहण 2018 भारतीय समयानुसार दोपहर 01:32:08 बजे से शुरू होगा। दोपहर करीब 03:16:24 मिनट पर यह मैक्सिमम होगा और शाम 5 बजे यह समाप्त हो जाएगा। वही आपको ये भी बता दे कि सूर्य ग्रहण हमेशा चंद्र ग्रहण के दो सप्ताह पहले या बाद में लगता है। इस बार सूर्य ग्रहण का समय कुल 3 घंटे 30 मिनट तक होगा।

बता दे कि सूर्य ग्रहण 2018 को लेकर अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग मान्यताएं हैं। भारत में हिंदू धर्म के मुताबिक ऐसा माना जाता है कि दानव राहु और केतु ने सूर्य और चंद्रमा का पीछा किया और उन्हें निगल गया। लेकिन, वह ऐसा ज्यादा देर तक नहीं कर रख पाया और वो सूर्य और चंद्रमा फिर से प्रकट हो गए।

सूर्यग्रहण का राशियों पर प्रभाव
इस साल के आखिरी सूर्य ग्रहण का वृषभ, सिंह, वृ्श्चिक और कुंभ राशि पर कुछ असर देखने को मिल सकता है। कुंभ राशि वालों के लिए थोड़ा परेशानी का कारण बन सकता है। इसलिए उन्हें हर फैसले संभल कर लेने होंगे। कन्या राशि वालों को लाभ हो सकता है, वहीं वृषभ राशि वालों को भी थोड़ी सचेत रहने की जरुरत है। सिंह राशि वाले सेहत को लेकर सचेत रहें।

ग्रहण काल के समय करें भगवान शिव की पूजा
यह ग्रहण सावन में पड़ रहा है और साथ शनि अमावस्या का शुभ संयोग भी बन रहा है। इस ग्रहण काल के समय अगर शिव जी का पूजन किया जाए तो जिन पर शनि की साढ़े साती और ढैया चल रही है, उसकी सभी मुश्किलें दूर हो जाएंगी।

शनि का और ग्रहण का जिनकी कुंडली में सूर्य और राहु या सूर्य शनि का संबंध हो तो वो अवश्य पूजा कर लें। इस दिन गन्ने के रस, शहद और केसर मिश्रित दूध से शिव जी का पूजन करें। इस दिन शमी वृक्ष का पूजन भी अवश्य करना चाहिए। जिससे सभी रोगों से मुक्ति मिल जाती है।

Solar Eclipse

सूर्य ग्रहण के समय बरते ये सावधानियां
सूर्य ग्रहण चाहे कैसा भी हो आंशिक या पूर्ण उसे खुली या नंगी आंखों से नहीं देखना चाहिए। हालांकि सूर्य ग्रहण को देखने के लिए बाजार में कई तरह के चश्‍मे उपलब्‍ध हैं। इन चश्‍मों का इस्‍तेमाल कर आप अपनी आंखों को नुकसान पहुंचाए बिना इस खगोलीय घटना के साक्षी बन सकते हैं। सूर्य ग्रहण दूरबीन या पिनहोल कैमरे की मदद से भी देखा जा सकता है।

Solar Eclipse

जानिए ! क्यों होता है सूर्य ग्रहण ?
पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमने के साथ-साथ अपने सौरमंडल के सूर्य के चारों ओर भी चक्कर लगाती है। दूसरी ओर, चंद्रमा दरअसल पृथ्वी का उपग्रह है और उसके चक्कर लगता है। इसलिए जब भी चंद्रमा चक्कर काटते-काटते सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है। तब पृथ्वी पर सूर्य आंशिक या पूर्ण रूप से दिखना बंद हो जाता है। इसी घटना को सूर्य ग्रहण कहा जाता है। सूर्य ग्रहण आंशिक और पूर्ण दोनों तरह का हो सकता है। आंशिक सूर्य ग्रहण में चंद्रमा सूर्य के कुछ ही हिस्‍से को ढकता है और जब इस नजारे को पृथ्‍वी से देखा जाए तो सूर्य एक डिस्‍क की तरह दिखाई देता है।

Surya Grahan

जानिए ! साल 2019 में सूर्यग्रहण कब लगेगा ।
इस साल की भांति अगले साल भी 3 सूर्यग्रहण लगेगा। पहला 6 जनवरी, दूसरा 2 जुलाई और तीसरा 26 अगस्‍त को होगा।

खत्म हुआ सदी का सबसे लंबा चन्द्र ग्रहण , अब 2123 में दिखेगा ये नजारा