शिमला: आधे से ज्यादा हिन्दुस्तान अासमान के सैलाब में डूबा हुआ है। पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक इस सैलाब ने तबाही मचाई है। अब मौसम ‌विभाग ने हिमाचल प्रदेश में शनिवार से हो रही भारी बारिश के बीच मौसम वैज्ञानिकों ने राज्य के मध्यम और निम्न पहाड़ी इलाकों के दूरदराज के स्थानों पर अगले दो दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया है। हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा और ऊना में


कल से भारी से भारी बारिश हो रही है।

 

राज्य में सबसे ज्यादा नैना देवी में 130.8 मिलीमीटर बारिश हुयी है। इसके बाद मेहरा में 128.2 मिलीमीटर, नादाउन में 96 मिलीमीटर, गेलेर में 78.5 मिलीमीटर, कांगड़ा में 72 मिलीमीटर, ऊना में 64.6 मिलीमीटर, नगरोटा सूरियान में 62.4 मिलीमीटर, शिमला हवाई अड्डा पर 48 मिलीमीटर और सूजानपुर टीहरा में 40 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी है। राज्य में मनाली सबसे ठंडा स्थान रहा और यहां का न्यूनतम तापमान 13.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। जबकि भटनेर सबसे गर्म रहा, यहां शनिवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।

 

मौसम वैज्ञानिकों ने हिमाचल के अलावा उत्तराखंड, उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, ओडिशा, अरूणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल के दूरदराज के क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। इस बार मानसून के दौरान अब तक सात राज्यों में बाढ़ और बारिश से संबंधित घटनाओं में 718 लोगों की मौत हो चुकी है। गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय आपातकालीन प्रतिक्रिया केन्द्र (एनईआरसी) के अनुसार उत्तर प्रदेश में 171 लोगों, पश्चिम बंगाल में 170 लोगों, केरल में 178 और महाराष्ट्र में 139 लोगों की मौत हो चुकी हैं।

इसके अलावा गुजरात में 52 लोगों, असम में 44 और नगालैंड में आठ लोगों की मौत हुई है। राज्यों में बारिश से संबंधित घटनाओं में कुल 26 लोग लापता भी हुए है। जिनमें से केरल में 21 लोग और पश्चिम बंगाल में पांच लोग लापता हुए। जबकि 244 अन्य लोग घायल हुए हैं।

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