कानून एवं आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आज राज्यसभा में कहा कि सोशल मीडिया के दुरूपयोग की समस्या से निपटने के लिए एक नीति तैयार करने की खातिर वह राजनीतिक दलों सहित विभिन्न पक्षों के साथ विचार विमर्श करेंगे।

प्रसाद ने उच्च सदन में सभापति एम वेंकैया नायडू के सुझाव पर यह टिप्पणी की। इससे पहले कई सदस्यों ने सोशल मीडिया और भीड़ द्वारा पीट पीट कर हत्या पर चिंता जतायी थी। इस पर सभापति ने कहा कि सोशल मीडिया के दुरूपयोग का मामला एक व्यापक, संवेदनशील और गंभीर मुद्दा है।

उन्होंने कहा कि हम एकतरफा फैसला नहीं कर सकते। अगर सरकार कोई कदम उठाए तो उसकी आलेाचना और विरोध होगा।  उन्होंने कहा कि वह सरकार को सुझाव दे सकते हैं कि वह राजनीतिक दलों सहित सभी पक्षों के साथ विचार विमर्श करे और एक राष्ट्रीय नीति तैयार करने का प्रयास करे।

इस पर प्रसाद ने कहा कि इस संबंध में एक समूह को नोटिस जारी किया गया है और उसने उसका जवाब दिया है। सोशल मीडिया के दुरूपयोग का मुद्दा जदयू के हरिवंश ने शून्यकाल में उठाया और कहा कि 2010 से अब तक सोशल मीडिया से फैली अफवाहों के कारण 33 लोगों की जान जा चुकी है।

तृणमूल कांग्रेस के सुखेंदु शेखर राय ने कहा कि सोशल मीडिया साइटें अब ‘‘एंटी सोशल साइटें’’ हो गयी हैं। उन्होंने इस संबंध में उच्चतम न्यायालय के हालिया फैसले का जिक्र करते हुए सरकार से जल्द विधेयक लाने की मांग की। कांग्रेस के आनंद शर्मा ने भी ऐसी घटनाओं पर चिंता जतायी और इस मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की।