नई दिल्‍ली: भगवान शिव के अतिप्रिय सावन महीने के अंतिम सोमवार को सभी शिवालयों में आस्था का जनसैलाब उमड़ा। शिवभक्त बम-बम भोले और हर-हर महादेव के मंत्रोच्चार के बीच जलाभिषेक कर रहे हैं।  देश के हर शिव मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ी है। दिल्ली, वाराणसी, उज्जैन जैसी जगहों पर शिव भक्तों का तांता लगा हुआ है। दूर-दूर से लोग आ रहे हैं भगवान शिव का अभिषेक कर उन्हें प्रसन्न कर रहे रहे हैं।

 

इस बीच द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से सबसे महिमामंडित झारखंड के देवघर स्थित कामना ज्योतिर्लिंग (बैद्यनाथ धाम) में भक्तों की भारी भीड़ देखी जा रही है। एक अनुमान के मुताबिक, यहां अंतिम सोमवार को करीब दो लाख श्रद्घालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। बैद्यनाथ धाम में शिवभक्त ज्योतिर्लिंग के जलाभिषेक के लिए रात से ही कतार में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे।

 

बिहार के सुल्तानगंज से गंगा का पवित्र जल लेकर 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर कांवड़िए (शिव भक्त) बैद्यनाथ धाम पहुंचे और कामना लिंग पर जलाभिषेक किया। तड़के तीन बजे की विशेष पूजा के बाद से ही यहां भक्तों ने बारी-बारी कर ज्योतिर्लिंगों पर अरघा जलार्पण व्यवस्था के तहत जलाभिषेक करना शुरू किया।

बैघनाथ धाम के पुजारी जय कुमार द्वारी पंडा का कहना है कि पौराणिक मान्यता है कि सावन में भगवान शिव की भक्तों पर खास कृपा होती है। बाबा भोले की पूजा करने से भक्तों को सुख, शांति और समृद्घि की प्राप्ति होती है। अर्द्धचंद्र योग बना है जो अति हर दृष्टिकोण से लाभप्रद माना जाता है।’

 

देवघर जिला जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि एक अनुमान के मुताबिक, ‘आज दो लाख श्रद्धालुओं के यहां पहुंचने की उम्मीद है. देवघर के मंदिर परिसर से श्रद्धालुओं की 12 किलोमीटर लंबी लाइन लगी हुई है और लोग आगे बढ़ रहे हैं।’

सोमवार को तड़के करीब साढ़े तीन बजे देवघर मंदिर का पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। पूरा परिसर गेरुए रंग पहने कांवड़ियों से पटा पड़ा है। श्रद्धालुओं की कतार नेहरू पार्क, बीएड कॉलेज, नंदन पहाड़ होते हुए कुमैठा स्टेडियम तक पहुंच चुकी है। उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा और पुलिस अधीक्षक नरेंद्र कुमार सिंह श्रद्घालुओं की सुविधा की निगरानी कर रहे हैं।

 

इधर, मेला क्षेत्र में सुरक्षा की कमान संभाल रहे देवघर की पुलिस अधीक्षक सिंह ने सोमवार को बताया कि कांवड़ियों की लंबी कतार लगी हुई है और उनका आना जारी है. उन्होंने कहा कि सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। कांवडियों को पंक्ति में कहीं रुकने नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रविवार को भी एक लाख से ज्यादा शिवभक्त यहां जलाभिषेक किए थे। इस अंतिम सोमवारी को यह संख्या करीब दो लाख तक जाने की उम्मीद है।

इसके अलावा बिहार की राजधानी पटना के शिवालयों सहित झारखंड की राजधानी रांची के पहाड़ी मंदिर में भी सुबह से ही भक्तों का तांता लगा हुआ है और लोग भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर अपने सुखमय भविष्य की कामना कर रहे हैं।

इधर, बिहार के मुजफ्फरपुर के बाबा गरीबनाथ मंदिर, मोतिहारी के सोमेश्वर मंदिर, रोहतास के गुप्ताधाम मंदिर, सोनपुर के हरिहरनाथ मंदिर, अजगैबीनाथ मंदिर, झारखंड के वासुकीनाथ मंदिर सहित सभी शिवालयों में भी सुबह से ही भक्त जुटे हैं।

सावन के अंतिम सोमवार पर आपको मिल सकता है इसका विशेष लाभ  

सावन के अंतिम सोमवार अगर आप विशेष अभिषेक करते हैं तो आपको इसका विशेष लाभ मिल सकता है। सावन का अंतिम सोमवार जो ज्येष्ठा नक्षत्र और वैधृतियोग में आरम्भ हुआ और इस नक्षत्र और योग के कारण महादेव का अभिषेक करना अत्यंत दुर्लभ माना जाता है। आइये जानते हैं क्या होता है वैधृति योग।

वैधृति योग
ये योग बहुत ही शुभ होता है और इसी के साथ महादेव की पूजा और जलाभिषेक किया जाये तो बहुत लाभकारी हो जाता है। इसको करने से जीवन की कई परेशानियां दूर होती हैं। जिन्हें घरेलू तनाव हो, पिता पुत्र में अनबन की स्थिति हो स्वास्थ्य अच्छा ना रहता हो और ऐसी ही कई बड़ी-बड़ी परेशानियां हो तो इससे बाहर निकलने के लिए भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए जो आपके लिए बहुत ही खास होता है और आपके जीवन की सभी मुसीबतों को कम करेगा।

ज्येष्ठा नक्षत्र
ये योग बहुत ही लाभकारी होता है और खास बात ये है कि ज्येष्ठा नक्षत्र सोमवार को पड़ रहा है। इस दिन आप भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं तो आपकी इच्छाएं पूरी होंगी। अगर आप धन और संतान की इच्छा रखते हैं और इससे आपको जरुरी मिलेगी। जिन्हें अपनी संतान की चिंता है उन्हें भी शिव का जलाभिषेक करना चाहिए। अभिषेक के लिये जल, दूध, अक्षत, काला तिल और जौ डाल कर महादेव का अभिषेक करे और ॐ गौरिशंकराय नमः से अभिषेक करे और इस मंत्र का जाप करे। इससे आपको लाभ मिलेगा।