नई दिल्ली: केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास अठावले ने कहा कि पेट्रोल एवं डीजल की बढ़ती कीमतों से उन्हें कोई परेशानी नहीं हैं, क्योंकि वह एक मंत्री हैं। एक समीक्षा बैठक में भाग लेने यहां आए अठावले से जब संवादाताओं ने पेट्रोल एवं डीजल की बढ़ती कीमतों से आम आदमी को होने वाली परेशानी के बारे में पूछा तो उन्होंने हल्के फुल्के अंदाज में कहा, ‘’मैं पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों से परेशान नहीं हूं. चूंकि मैं मंत्री हूं… मेरा मंत्री पद जाएगा तो मैं परेशान हो जाऊंगा, लेकिन जनता परेशान है। इसे समझ सकते हैं और कीमतें कम करने का दायित्व सरकार का है।’

रामदास अठावले ने साथ ही कहा कि केंद्र सरकार पेट्रोल-डीजल के बढ़ते भावों पर लगाम लगाने का प्रयास कर रही है पर राज्यों को भी इसके लिए कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने यहां संवाददाताओं के एक सवाल पर कहा कि अगर पेट्रोल डीजल के भाव कम करने हैं तो राज्यों को भी इसके लिए कोशिश करनी चाहिए क्योंकि इसमें राज्य सरकार के भी कर होते हैं, केंद्र के भी कर होते हैं। इन्हें कम करने पर पेट्रोल-डीजल की कीमतें घट सकती हैं। इससे पहले अठावले ने यहां सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग और विशेष योग्यजन निदेशालय के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

वहीं बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों तथा डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरती कीमत के लिए अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों को जिम्मेदार बताया। शाह ने यहां शनिवार को संवाददाताओं से कहा, ‘पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतें तथा डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरती कीमत चिंता की बात है।’ उन्होंने कहा, ‘यह वैश्विक तौर पर हुए कुछ घटनाक्रमों की वजह से है। अमेरिका तथा चीन के बीच व्यापार युद्ध और अमेरिका तथा तेल उत्पादक देशों के बीच मुद्दे. इन वैश्विक कारणों के चलते ये घटनाक्रम हो रहे हैं।’ शाह ने कहा, ‘हम भी इसे लेकर चिंतित हैं। समाधान भी ढूंढ़ा जा रहा है। थोड़े ही समय में, सरकार इन मुद्दों पर कदम उठाएगी।’ उन्होंने कहा कि लेकिन अन्य देशों की मुद्राओं के मुकाबले रुपये पर असर ‘बहुत कम’ है।