अमेरिका ने सैयद सलाउद्दीन को अंतर्राष्ट्रीय आतंकी घोषित किया


प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात से ठीक पहले भारत को आतंकवाद के खिलाफ रणनीति में बड़ी सफलता मिली है। अमेरिका ने खतरनाक आतंकी हिजबुल चीफ सैयद सलाउद्दीन को अंतर्राष्ट्रीय आतंकी घोषित किया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने खबर की पुष्टि करते हुए फैसले का स्वागत किया है

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने कहा कि इस फैसले से साफ है कि भारत और अमेरिका मिलकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि इस फैसले से इस बात की पुष्टि होती है कि जम्मू-कश्मीर में जो हालात हैं उसके लिए सीमा पार से हो रहा आतंकवाद जिम्मेदार है।

पाक प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ इसे भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत माना जा सकता है। अब से थोड़ी ही देर में मोदी और ट्रंप की मुलाकात होनी है। ऐसे में अमेरिकी की ओर से उठाया यह कदम दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूती देने वाला साबित होगा।

सैयद सलाउद्दीन आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिद्दीन का सरगना है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि बीते साल कश्मीर में हुए आतंकी हमलों में सलाउद्दीन का हाथ था और वह कश्मीर घाटी में आतंकी फैलाने के मकसद से आतंकियों को ट्रेनिंग देता था।

सलाउद्दीन के संगठन हिज्बुल ने जम्मू कश्मीर में हुए कई आतंकी वारदातों की जिम्मेदारी ली थी। जिनमें अप्रैल 2014 के धमाके शामिल हैं, जिसमें 17 लोग घायल हुए थे। बयान में कहा गया है इन्हीं सभी वारदातों को आतंकवाद की श्रेणी में रखते हुए उसे अतंरराष्ट्रीय आतंकी घोषित किया गया है।

अमेरिका के इस कदम से यह साफ हो चुका है कि वह आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ खड़ा है। अमेरिका के इस कदम से पाकिस्तान को बड़ा झटका लगा है। भारत लगातार आतंकवादियों के खिलाफ पाक से सबूत देते आया है लेकिन पाकिस्तान ने अब तक किसी भी बड़े आतंकी पर कोई भी कार्रवाई नहीं की है।