BREAKING NEWS

‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर बुधवार सुबह निर्णय लेंगे कांग्रेस और सहयोगी दल ◾अधीर रंजन चौधरी लोकसभा में कांग्रेस के बने नेता◾स्पीकर के चुनाव में बिड़ला का समर्थन करेगा UPA, ''एक राष्ट्र, एक चुनाव'' पर अभी निर्णय नहीं ◾बजट से पहले मोदी के साथ महत्वपूर्ण विभागों के सचिवों की बैठक ◾J&K : पुलवामा में पुलिस थाने पर ग्रेनेड हमला, 5 घायल, 2 की हालत गंभीर◾PM मोदी ने 19 जून को बुलाई सर्वदलीय बैठक, 'एक राष्ट्र एक चुनाव' पर करेंगे चर्चा◾मेरठ : गमगीन माहौल में हुआ शहीद मेजर का अंतिम संस्कार, अंतिम दर्शन को उमड़ा जनसैलाब ◾WORLD CUP 2019, ENG VS AFG : इंग्लैंड ने अफगानिस्तान के खिलाफ रिकार्डों की झड़ी लगाई ◾विपक्ष ने महाराष्ट्र के वित्त मंत्री के ट्विटर हैंडल पर बजट लीक को लेकर की सरकार आलोचना की◾Top 20 News - 18 June : आज की 20 सबसे बड़ी ख़बरें◾बिहार के CM नीतीश ने एईएस पीड़ित बच्चों को लेकर दिए आवश्यक निर्देश ◾लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए NDA उम्मीदवार ओम बिड़ला को मिला BJD का समर्थन ◾मेरठ पहुंचा शहीद मेजर का पार्थिव शरीर, झलक पाने को उमड़ी भारी भीड़ ◾2005 अयोध्या आतंकी हमले में 4 आरोपियों को उम्रकैद, एक बरी◾सोनिया गांधी, हेमा मालिनी और मेनका गांधी ने ली लोकसभा सदस्यता की शपथ ◾रक्षा मंत्री राजनाथ ने मेजर केतन को दी श्रद्धांजलि ◾बीजेपी सांसद ओम बिड़ला ने लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए पर्चा भरा◾पश्चिम बंगाल : हड़ताल खत्म कर काम पर लौटे डॉक्टर , अस्पताल में सामान्य सेवाएं बहाल ◾व्हील चेयर पर लोकसभा में पहुंचे मुलायम, निर्धारित क्रम से पहले ली शपथ ◾सजाद भट उर्फ अफजल गुरु अनंतनाग मुठभेड़ में ढेर, पुलवामा हमले के लिए दी थी कार◾

उत्तर प्रदेश

योगी संग बैठक से पहले अधिकारियों के फोन बाहर रखवाए गए

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बुधवार को कानून-व्यवस्था पर होने वाली बैठक से पहले अधिकारियों के फोन बाहर ही रखवा लिए गए। इस दौरान सभी अधिकारियों के मोबाइल ले लिए गए और उनके नाम की पर्ची मोबाइलों पर लगा दी गई। 

उप्र में कानून-व्यवस्था पर लगातार उठते सवालों के बीच मुख्यमंत्री योगी की यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वह हर जिले के अधिकारियों से एक-एक मुद्दे पर बात कर रहे हैं। ज्ञात हो कि इस महीने की शुरुआत में योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट बैठक के दौरान मंत्रियों के मोबाइल फोन लाने पर पाबंदी लगा दी थी। 


बताया जा रहा है कि योगी सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की हैकिंग और जासूसी के खतरे को देखते हुए यह फैसला किया है। इससे पहले मंत्रियों को मोबाइल फोन लाने की अनुमति थी। इस मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार को घेरा था। विपक्षियों ने इसे आजादी पर हमला करार दिया था। 

जानकर बताते हैं कि योगी आदित्यनाथ चाहते हैं कि मंत्रिमंडल की बैठकों में होने वाली चर्चा पूरी गंभीरता व बिना किसी व्यवधान के हो। मंत्रिमंडल के सदस्यों के बीच यदाकदा मोबाइल फोन अचानक बजने से बैठक में दिक्कतें आती हैं।