BREAKING NEWS

विदेश सचिव श्रृंगला ने अफगानिस्तान मामलों के यूरोपीय संघ के विशेष दूत से मुलाकात की◾ममता के बयान पर वेणुगोपाल का पलटवार, बोले- यह महज एक सपना है..कि कांग्रेस के बिना BJP को हरा सकते है◾मुंबई हवाई अड्डे पर पहुंचने वाले घरेलू यात्रियों को RTPCR की निगेटिव रिपोर्ट लेकर आना अनिवार्य : BMC ◾PM मोदी के कुशल नेतृत्व के चलते भारत आज वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक ‘‘ब्राइट स्पॉट’’ के रूप में उभर रहा है: BJP◾पंजाब इलेक्शन से पहले SAD को लगा झटका, मनजिंदर सिंह सिरसा ने थामा BJP का कमल◾केजरीवाल के पेट्रोल की कीमतों पर देर से लिए फैसले से दिल्ली वासियों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ : मनोज तिवारी◾कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों की सुरक्षा पर केंद्र ने झाड़ा पल्ला, कहा- इसकी जिम्मेदारी राज्य सरकारों की◾प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जागरूकता मिशन की शुरुआत करेंगे ‘गोल्डन ब्वाय’ नीरज चोपड़ा ◾'ओमिक्रोन' के चलते सरकार ने पीछे खींचे अपने कदम, 15 दिसंबर से शुरू नहीं होंगी अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें◾सरकार ने राज्यसभा में बताया- देश में नक्सली हिंसा की घटनाओं में 70 फीसदी की आई कमी ◾किसानों की मौत के 'जीरो' रिकॉर्ड पर भड़की कांग्रेस, खड़गे बोले-यह किसानों का अपमान◾जम्मू-कश्मीर में आतंकी घटनाओं में आई बड़ी गिरावट, सरकार ने राज्यसभा में बताया पिछले एक साल में इतने जवान हुए शहीद ◾UP चुनाव : BJP ने खेला धार्मिक कार्ड, केशव मौर्य का नारा 'अयोध्या-काशी.... जारी, अब मथुरा की तैयारी' ◾अखिलेश का BJP पर कटाक्ष, बोले- जिनके पास परिवार नहीं है, वे जनता का दर्द नहीं समझ सकते ◾दिल्ली में 8 रुपए सस्ता हुआ पेट्रोल, केजरीवाल सरकार ने VAT में कटौती का किया ऐलान◾SKM का दावा '700 से ज्यादा किसानों ने गंवाई जान', तोमर बोले- सरकार के पास मौतों का कोई रिकॉर्ड नहीं...◾4 दिसंबर को होगी SKM की अहम बैठक, रणनीति को लेकर होगी बड़ी घोषणा, टिकैत बोले- आंदोलन रहेगा जारी ◾मप्र में शिवराज सरकार के लिए मुसीबत का सबब बने भाजपा के नेताओं के विवादित बयान ◾निलंबन के खिलाफ महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने विपक्ष का प्रदर्शन, राहुल समेत कई नेता हुए शामिल ◾EWS वर्ग की आय सीमा मापदंड पर केंद्र करेगी पुनर्विचार, SC की फटकार के बाद किया समिति का गठन ◾

मुजफ्फरनगर दंगों की भयावह त्रासदी, आठ साल में 1100 लोग बरी और सिर्फ सात दोषी करार

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में 2013 के सांप्रदायिक दंगों को आठ साल हो चुके हैं और इस दौरान हत्या, बलात्कार, डकैती एवं आगजनी से संबंधित 97 मामलों में 1,117 लोग सबूतों के अभाव में बरी हो गए। 

इन आठ वर्षों में सिर्फ सात लोग दोषी पाए गए। इन लोगों को कवाल गांव में सचिन और गौरव नामक दो युवकों की हत्या से जुड़े मामलों में दोषी करार दिया गया। इन दो युवकों की हत्या और 27 अगस्त, 2013 को शाहनवाज नामक एक अन्य युवक की चाकू मारकर हत्या के बाद दंगे भड़क गए थे। 

दंगों से जुड़े मामलों की जांच के लिए राज्य सरकार द्वारा विशेष जांच दल(एसआईटी) का गठन किया गया था। एसआईटी के अधिकारियों के मुताबिक, पुलिसने 1,480 लोगों के खिलाफ 510 मामले दर्ज किए और 175 मामलों में आरोप पत्र दायर किया। 

एसआईटी के एक अधिकारी ने बताया कि 97 मामलों में अदालत ने फैसला किया और 1,117 लोगों को सबूतों के अभाव में बरी किया। उन्होंने कहा कि अभियोजन ने अभी इन मामलों में अपील दायर नहीं की है। कवाल गांव में दो युवकों की हत्या के मामले में सात लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। एसआईटी 20 मामलों में आरोप पत्र दायर कर नहीं सकी क्योंकि राज्य सरकार की ओर से उसे मुकदमा चलाने की अनुमति नहीं मिली। 

इस बीच, उत्तर प्रदेश सरकार ने दंगों से जुड़े 77 मामलों को वापस लेने का फैसला किया है, लेकिन अदालत ने उत्तर प्रदेश के मंत्री सुरेश राणा, भाजपा विधायक संगीत सोम समेत 12 भाजपा विधायकों के खिलाफ सिर्फ एक मामला वापस लेने की अनुमति दी है। एसआईटी के अधिकारियों के अनुसार, 264 आरोपी अभी अदालती कार्यवाही का सामना कर रहे हैं। दंगों में 60 से अधिक लोग मारे गए थे और 40 हजार से ज्यादा लोग विस्थापित हो गए थे।