BREAKING NEWS

अपने ही गढ़ में मिली करारी हार के बाद अखिलेश का बड़ा फैसला, राष्ट्रीय कार्यकारिणी समेत सभी संगठन भंग ◾ नई विदेश नीति लाने की तैयारी में वाणिज्य मंत्रालय, सितंबर से पहले उठाया जा सकता हैं कदम ◾Maharashtra Assembly Speaker: BJP विधायक राहुल नार्वेकर ने मारी बाजी, 164 वोटों के साथ जीता चुनाव ◾एकनाथ शिंदे : ऑटो वाले से महाराष्ट्र के CM की कुर्सी तक का सफर, सब्र का नहीं बगावत का फल निकला मीठा◾महाठग सुकेश ने तिहाड़ प्रशासन को फिर दिखाया ठेंगा, सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाकर किया यह 'कारनामा' ◾कुर्सी बचाने के लिए मुगलों की नीति पर चल रहे हैं अखिलेश, सपा बन चुकी है ‘समाप्तवादी पार्टी’ : निरहुआ◾लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकवादियों को ग्रामीणों ने दबोचा, प्रशासन ने दिया 2 लाख का नकद इनाम ◾'उल्टी गिनती शुरू.. अगला नंबर तेरा', Ex रोडीज निहारिका को मिली धमकी, उदयपुर हत्यकांड पर की थी निंदा ◾पर्यटक कृपया ध्यान दें, उत्तराखंड में भारी बारिश को लेकर चेतावनी, राजधानी समेत इन जिलों में अलर्ट जारी ◾असम बाढ़ से जिंदगी मुहाल, 22.17 लाख से अधिक अब भी फंसे, मरने वालों की संख्या बढ़कर 174◾India Corona Update: देश में कोरोना के 16,103 नए मामलों की हुई पुष्टि, जानें कितने लोगों ने गंवाई जान ◾शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुटविधायक दल के कार्यालय को किया सील, श्वेत पत्र चिपकाया ◾आज का राशिफल ( 03 जुलाई 2022)◾BJP कर रही है ‘रचनात्मक’ राजनीति, विपक्षी दलों की भूमिका ‘विनाशकारी’ : जे पी नड्डा◾महाराष्ट्र : शिंदे का समर्थन कर रहे शिवसेना के बागी विधायक गोवा से मुंबई लौट , विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव रविवार को◾PM मोदी की अगवानी ना कर KCR ने व्यक्ति नहीं संस्था का किया अपमान : BJP◾ Maharashtra Politics: मुख्यमंत्री शिंदे के साथ शिवसेना के बागी विधायक गोवा से मुंबई के लिए रवाना◾ बडा़ खुलासा : कन्हैया का सर कलम करने वाले मौहम्मद रियाज ने की थी बीजेपी दफ्तर की रेकी, गौस ने पाक में ली आतंकी ट्रेनिंग ◾ IPS Transfer list: यूपी में 21 IPS अधिकारियों का हुआ ट्रांसफर, इन जिलों के SP बदले गए, देखें पूरी सूची◾आंख निकालने, सिर काटने की धमकी देने वाले जहरीले मौलाना को गिरफ्तारी के दो दिन बाद ही मिली जमानत ◾

ज्ञानवापी पर बयान देना अखिलेश और ओवैसी पर पड़ा भारी! कोर्ट में दाखिल हुई यह अर्जी.. जानें पूरा मामला

ज्ञानवापी मस्जिद के मुद्दे पर लगातार हो रही राजनीति के बीच वाराणसी की अदालत में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी उनके भाई अकबरुद्दीन ओवैसी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ 'धार्मिक भावनाएं' भड़काने के आरोप में मामला दर्ज करने के लिए अर्जी डाली गई है। इस आवेदन में यह मांग की गई है कि अदालत पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दे।    
धार्मिक भावनाओं को भड़काने का काम कर रहे नेता  
अधिवक्ता हरिशंकर पांडे ने कहा कि राजनीति जगत के यह बड़े नेता ज्ञानवापी मस्जिद और काशी-विश्वनाथ मंदिर परिसर के नाम पर धार्मिक भावनाएं भड़काकर वाराणसी का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं और अदालत को इसका संज्ञान लेना चाहिए। पांडे ने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस मामले पर टिप्पणी नहीं करने के बावजूद ये नेता वोट के लिए लोगों की भावनाओं को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। इस बीच, बजरंग दल के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने पिछले हफ्ते कानपुर में अखिलेश यादव, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और असदुद्दीन ओवैसी के पुतले फूंक दिए।
जानें ज्ञानवापी मामले में किस नेता ने क्या कहा?
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा था कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समाज को सांप्रदायिक आधार पर बांटने की कोशिश कर रही है और मुसलमानों में डर पैदा करने की कोशिश कर रही है। अखिलेश यादव ने कहा, ''हमारे हिंदू धर्म में एक पीपल के पेड़ के नीचे एक पत्थर रख दो, झंडा रख दो, मंदिर बन जाता है।'' इसी कड़ी में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी केंद्र पर टिप्पणी करते हुए कहा कि "भाजपा वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद के मुद्दे पर देश में एक नया नाटक बना रही है।"
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि वह ज्ञानवापी मस्जिद के साथ अयोध्या में बाबरी मस्जिद जैसा हाल नहीं होने देंगे। ओवैसी ने आगे कहा कि "गोडसे के भक्त (नाथूराम गोडसे, महात्मा गांधी के हत्यारे)" हिजाब, जॉब जिहाद और अन्य जैसे मुद्दों का आह्वान करके मुसलमानों के खिलाफ देश में नफरत फैला रहे हैं।

आज जिला कोर्ट सुनाएगा अपना फैसला
बता दें कि ज्ञानवापी मस्जिद के वजूखाने में कुएं के अंदर शिवलिंग मिलने के हिंदू पक्ष के दावे खिलाफत करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने मुस्लिम पक्ष के फव्वारे वाली बात का समर्थन करते हुए कहा था कि वह कला पत्थर शिवलिंग नहीं बल्कि फव्वारा है जो सभी वजूखाने में होता है। बता दें कि जिला कोर्ट ने इस मामले में कल अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था आज इस विवाद पर फैसला दिया जायेगा। अब देखना यह होगा कि ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी मामले में से पहले किस केस पर सुनवाई की जाएगी।