उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में अक्षय वट और सरस्वती कूप के दर्शन के लिए अकबर के किले के द्वार खोल दिए। साथ ही उन्होंने सरस्वती प्रतिमा का अनावरण कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने कहा कि 450 वर्षो के बाद अक्षयवट और सरस्वती कूप श्रद्धालुओं के लिए खोला गया है।

योगी ने कहा, ‘इस कुंभ का विषय स्वच्छ कुंभ, सुरक्षित कुंभ रखा गया है, ताकि इस कुंभ मेला से पूरी दुनिया को एक संदेश दिया जा सके। मेले में एक लाख 22 हजार इको-फ्रेंडली शौचालय स्थापित किए गए हैं और 40,000 से अधिक स्ट्रीट लाइट भी लगाई गई हैं।’ उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार ने प्रयागराज के विकास का कार्य किया है। इसमें जल, थल और नभ से आवागमन की सुविधा प्रदान की जा रही है।

15 फ्लाईओवर व अंडरब्रिज बने, 264 सड़कों का चौड़ीकरण हुआ है। चौराहों का भी चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण किया गया है। मेला क्षेत्र का एरिया बढ़ाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि त्रिवेणी पुष्प, संस्कृति ग्राम, चित्र प्रदर्शनी आदि का उद्घाटन करने के बाद टेंट सिटी का भ्रमण किया।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कुंभ मेले को देखते हुए पहली बार घाटों पर रिवर फ्रंट संरक्षण का कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले 50 वर्षों में सबसे अच्छा जल संगम में है। पूरे आयोजन में इसी तरह स्वच्छ गंगा जल उपलब्ध होगा। गंगोत्री से लेकर प्रयागराज तक गंदे नालों को गंगा में गिरने से रोका गया है।

श्रद्धालुओं के लिए अक्षयवट खुलने से गौरव की अनुभूति हो रही है। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी ने मीडिया सेंटर का उद्घाटन भी किया। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े समागम को भव्य और दिव्य बनाने का प्रयास किया है। इस प्रयास में मीडिया का पूरा सहयोग मिला। मेला पूरी भव्यता और दिव्यता से आगे बढ़े, इसके लिए डेढ़ वर्ष पूर्व कार्ययोजना तैयार की गई थी।

योगी ने कहा, ‘हजारों साल बाद प्रयागराज कुंभ को वैश्विक मान्यता मिल रही है। 15 दिसंबर को 71 देशों के राजनयिकों ने वैश्विक मान्यता दी। पहली बार कुंभ मेले की शुरुआत गंगा मां की पूजा के साथ प्रधानमंत्री मोदी ने की। हमारी कोशिश है कि यह कुंभ देश व दुनिया में स्वच्छ और सुरक्षित कुंभ का संदेश दे सके।’