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मदरसों की फंडिंग पर इलाहाबाद HC का सवाल, पूछा-क्या एक धर्मनिरपेक्ष राज्य ऐसा कर सकता है?

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने धार्मिक शिक्षा फंडिंग मामले में उत्तर प्रदेश सरकार से कई सवाल किए। हाई कोर्ट ने पूछा कि क्या एक धर्मनिरपेक्ष राज्य मदरसों को फंड दे सकता है? इसके साथ ही हाई कोर्ट ने ये भी पूछा कि क्या धार्मिक शिक्षा देने वाले मदरसे अनुच्छेद 25 से 30 तक प्राप्त मौलिक अधिकारों के तहत सभी धर्मों के विश्वास को संरक्षण दे रहे हैं।

हाई कोर्ट ने सरकार से पूछा कि, क्या स्कूलों में खेल मैदान रखने के अनिवार्य शिक्षा के अधिकार के अनुच्छेद 21 व 21 ए  की अनिवार्यता का पालन किया जा रहा है। क्या अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के धार्मिक शिक्षा संस्थानों को सरकार फंड दे रही है। इसके अलावा कोर्ट ने आगे पूछा कि, क्या महिलाओं को मदरसों में प्रवेश पर रोक है। अगर ऐसा है तो क्या यह भेदभाव पूर्ण नहीं है। 

गाय को मिले राष्ट्रीय पशु का दर्जा, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिया केंद्र को सुझाव, कहा- संसद में बिल लाए सरकार

जस्टिस अजय भनोट ने प्रबंध समिति मदरसा अंजुमन इस्लामिया फैजुल उलूम की याचिका पर दिया है। ये मदरसा बोर्ड से मान्यता प्राप्त है और इसे राज्य सरकार की ओर से सहायता मिलती है। हाईकोर्ट ने इन सभी सवालों के राज्य सरकार से 4 हफ्ते में जवाब मांगा है। याचिका की अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को होगी।